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लो जी कर लो तैयारी..! आने वाला 10वीं-12वीं का रिज़ल्ट, हिमाचल बोर्ड ने तय कर ली तारीख, जानें पूरी डिटेल…

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इस बार 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के परिणामों को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक लक्ष्य तय किया है। छात्रों के भविष्य और उच्च शिक्षा में प्रवेश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, बोर्ड ने इस वर्ष 30 अप्रैल तक दोनों कक्षाओं के परीक्षा परिणाम घोषित करने का कड़ा निर्णय लिया है। परिणामों को समयबद्ध और पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से घोषित करने के लिए बोर्ड मुख्यालय में तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज कर दी गई हैं।

30 अप्रैल के इस सख्त लक्ष्य को हासिल करने के लिए बोर्ड ने अपनी मूल्यांकन (चेकिंग) रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। आमतौर पर परीक्षाएं खत्म होने के बाद कॉपियां इकट्ठी की जाती थीं, लेकिन इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए नई योजना बनाई गई है। इसके तहत, मार्च महीने में चल रही 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के दौरान ही परीक्षा केंद्रों से उत्तरपुस्तिकाओं (आंसर शीट) को एकत्रित करने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इससे परीक्षा खत्म होने के बाद मूल्यांकन शुरू करने में लगने वाला अतिरिक्त समय बचेगा।

मूल्यांकन प्रक्रिया को सुचारू और तेज बनाने के लिए हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कड़ा रुख अपना लिया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिला उपनिदेशालयों (शिक्षा) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड अध्यक्ष ने आदेश दिया है कि स्पॉट मूल्यांकन केंद्रों के लिए चयनित परीक्षकों की सूची हर हाल में आगामी 2 दिनों के भीतर बोर्ड कार्यालय को भेज दी जाए, ताकि आगे की प्रक्रिया बिना रुके शुरू की जा सके।

इस बार बोर्ड किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कॉपियां जांचने के कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या लेटलतीफी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ किया है कि यदि परीक्षकों की सूची भेजने या उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया में कोई भी प्रशासनिक देरी होती है, तो इसकी पूरी जवाबदेही और जिम्मेदारी संबंधित जिला उपनिदेशालय की तय की जाएगी।

बोर्ड प्रबंधन का स्पष्ट कहना है कि छात्रों का भविष्य और उनका समय उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार जैसे ही विभिन्न जिलों से चयनित परीक्षकों का विवरण प्राप्त होगा, बोर्ड बिना समय गंवाए तुरंत उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया और ड्यूटी अलॉटमेंट का काम शुरू कर देगा। इस त्वरित और सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यही है कि उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम बिना किसी बाधा के समय पर पूरा हो सके, जिससे छात्रों को अपने परीक्षा परिणामों के लिए अनावश्यक रूप से लंबा इंतजार न करना पड़े और वे समय पर अपनी आगे की पढ़ाई की रूपरेखा तय कर सकें।

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Author: Desk

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