हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में परवाणू पुलिस थाना क्षेत्र के तहत आने वाले भोजनगर गांव के पास करालघाट के जंगल में मिले युवक-युवती के शवों के मामले में एक बेहद हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआत में जिस घटना को असफल प्रेम-प्रसंग के चलते प्रेमी जोड़े की आत्महत्या माना जा रहा था, वह दरअसल एक हत्या और आत्महत्या का मामला निकला है। आईजीएमसी शिमला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरी खौफनाक वारदात से पर्दा उठा दिया है।
मृतकों की पहचान 22 वर्षीय कर्ण और 20 वर्षीय यशिका लामा के रूप में हुई है। ये दोनों मूल रूप से नेपाल के रहने वाले थे और मौजूदा समय में सोलन के गौतम बुद्ध विहार, देउंघाट में रह रहे थे। पुलिस की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि कर्ण, यशिका पर शादी करने का दबाव डाल रहा था। बताया जा रहा है कि युवक एकतरफा प्यार में था, लेकिन यशिका उससे शादी नहीं करना चाहती थी।
जांच के अनुसार 16 मार्च को कर्ण ने यशिका को बातचीत के लिए मिलने बुलाया। दोनों करालघाट के जंगल में पहुंचे। वहां शादी की बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। जब यशिका शादी के लिए नहीं मानी, तो पागलपन की हद पार करते हुए कर्ण ने उसका गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। यशिका की जान लेने के बाद कर्ण ने अपनी भी जान दे दी। घटनास्थल की स्थिति के अनुसार कर्ण ने पेड़ के साथ अपनी शर्ट बांधी और फिर उस शर्ट से अपना मफलर बांधकर उसका फंदा बनाया और लटक गया। पास ही जमीन पर यशिका का शव पड़ा हुआ था, जिसके पास उसकी चप्पल और मोबाइल फोन पड़े थे।
इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब पास की सड़क से गुजर रहे एक वाहन चालक की नजर जंगल में पड़े शवों पर पड़ी। यह चालक करालघाट देवता के मंदिर गया हुआ था और वहां से लौटते वक्त उसने शवों को देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाए और शवों को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेज दिया। पहले पुलिस को भी यह साधारण प्रेम प्रसंग और आत्महत्या का मामला लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि युवती की मौत पहले गला घोंटने से हुई थी और उसके बाद युवक ने फांसी लगाई थी।
इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि एकतरफा प्यार और सनक में एक युवक ने किस तरह एक हंसती-खेलती जिंदगी को खत्म कर दिया। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।







