हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर्ड फौजी ने महज एक अमरूद तोड़ने पर 6 साल की एक प्रवासी बच्ची को घर की सीढ़ियों से बांध दिया। इस क्रूरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। विवाद बढ़ने और कानूनी कार्रवाई के बाद अब आरोपी कैमरे के सामने अपनी हरकत के लिए माफी मांग रहा है।
जानकारी के अनुसार घटना 5 अप्रैल को ऊना के बहडाला इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि एक 6 वर्षीय प्रवासी बच्ची ने आरोपी विजय कुमार (पूर्व सैनिक) के घर के बाहर लगे पेड़ से एक अमरूद तोड़ लिया था। इस मामूली सी बात पर आरोपी को इतना गुस्सा आया कि उसने बच्ची के हाथ-पैर कपड़े और रस्सी के सहारे घर की रेलिंग से बांध दिए। बच्ची लगातार रोती-चीखती रही, लेकिन आरोपी ने उसे नहीं छोड़ा।
बच्ची की किस्मत अच्छी थी कि उसी समय मर्चेंट नेवी के कैप्टन रोहित जसवाल वहां से गुजर रहे थे। बच्ची की चीखें सुनकर जब वह मौके पर पहुंचे, तो बच्ची ने उन्हें देखकर ‘अंकल बचा लो’ की गुहार लगाई। कैप्टन रोहित ने तुरंत हस्तक्षेप कर बच्ची को फौजी के चंगुल से छुड़वाया और इस पूरी घटना को कैमरे में कैद कर लिया।
वीडियो वायरल होने और पुलिस के एक्शन के बाद अब आरोपी विजय कुमार के सुर बदल गए हैं। कैमरे के सामने सफाई देते हुए उसने अपनी गलती मानी है। आरोपी का कहना है कि मुझसे गलती हो गई, मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। उस वक्त मेरे दिमाग ने थोड़ा देरी से काम किया। आरोपी ने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का दावा किया है। हालांकि, लोग सवाल उठा रहे हैं कि यह माफी असली पछतावा है या सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से बचने का पैंतरा।
ऊना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की है। चूंकि पीड़ित बच्ची नाबालिग है, इसलिए इस मामले में बाल कल्याण समिति (CWC) भी गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। आरोपी को CWC के समक्ष भी पेश किया जाना है, जहां उससे आगे की पूछताछ होगी। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि बच्ची के अधिकारों का हनन करने वाले को कानून के तहत सख्त सजा मिले। एक पूर्व सैनिक, जिसका काम देश और नागरिकों की रक्षा करना होता है, उसके द्वारा एक मासूम के साथ किए गए इस व्यवहार ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।







