हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के मशहूर पर्यटन स्थल कसौली की छावनी स्थित 100 साल पुरानी ऐतिहासिक हैरिटेज मार्कीट में बीती रात एक भीषण अग्निकांड हुआ। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। आग रात करीब 3 बजे एक रैंस्टोरैंट से शुरू हुई थी। कुछ ही मिनटों में रैस्टोरैंट के अंदर रखे गैस सिलैंडरों में एक के बाद एक जोरदार धमाके होने लगे। कुल 7 से 8 सिलैंडर फटने की वजह से आग ने भयंकर रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरी मार्कीट को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को कुछ भी बचाने का मौका नहीं मिला।
4 रैस्टोरैंट, 1 मेडिकल स्टोर और 3 गिफ्ट शॉप राख
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास की दुकानें भी इसकी भेंट चढ़ गईं। इस हादसे में 4 रैस्टोरैंट, 1 मेडिकल स्टोर और 3 गिफ्ट शॉप सहित कुल 8 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। 100 साल पुरानी इस मार्कीट के जलने से न सिर्फ करोड़ों रुपए का भारी आर्थिक नुक्सान होने का अनुमान है, बल्कि यह एक बड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षति भी है।
सेना और वायुसेना ने संभाला मोर्चा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सबसे पहले एक स्थानीय युवक ने आग की लपटें देखकर शोर मचाया। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल था। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की 7-8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना और वायुसेना की टीमों को भी मदद के लिए बुलाया गया। सभी के संयुक्त प्रयासों और करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका।
लोगों ने फायर सिस्टम पर उठाए गंभीर सवाल
इस अग्निकांड के बाद स्थानीय लोगों ने फायर सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि फायर लाइन समय पर नहीं खोली गई और पानी की आपूर्ति करीब 2 से 3 घंटे की देरी से शुरू हुई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय पर पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाती तो शायद आग इतनी तेजी से नहीं फैलती और इतने बड़े नुक्सान को टाला जा सकता था।
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