हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट में 19 वर्षीय युवती की हत्या के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद अब आरोपी विकास की मां सुनीता का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे के निजी जीवन और उसके व्यवहार में आए बदलावों को लेकर कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं।
आरोपी की मां के अनुसार 36 वर्षीय विकास पिछले दो साल से घर पर ही रह रहा था। 12वीं के बाद फिटर ट्रेड में ITI करने वाले विकास ने कुछ समय लुधियाना में काम किया था, लेकिन फिलहाल वह कोई काम-धंधा नहीं करता था। माँ ने बताया कि वह हर रोज घर से मात्र 20 रुपए लेता था और उससे भांग खरीदकर पीता था। हालांकि, वह घर समय पर लौट आता था और कभी किसी से लड़ाई-झगड़ा नहीं करता था।
परिजनों ने बताया कि विकास की शादी को लेकर अक्सर घर में चर्चा होती थी, लेकिन वह हमेशा शादी से इनकार कर देता था। पिछले कुछ दिनों से उसके स्वभाव में एक अजीब सा बदलाव देखा जा रहा था। वह अचानक चुपचाप रहने लगा था और उसने लोगों से बातचीत करना कम कर दिया था। मां का कहना है कि उन्हें अंदेशा नहीं था कि शांत रहने वाला उनका बेटा इस तरह की खौफनाक वारदात को अंजाम दे सकता है।
एक तरफ जहां पूरा इलाका इस हत्याकांड से आक्रोश में है, वहीं आरोपी की मां ने इस घटना के पीछे किसी गहरी साजिश की आशंका भी जताई है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सुनीता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका गरीब परिवार मृतका के परिजनों के दुख में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर जांच में मेरा बेटा कातिल पाया जाता है, तो उसे चाहे फांसी की सजा दी जाए, हमें मंजूर है।
इस घटना ने दो परिवारों को ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है, जहां केवल दर्द और बेबसी है। एक तरफ वह मां है जिसकी जवान बेटी हमेशा के लिए छिन गई, तो दूसरी तरफ वह मां है जिसके बेटे ने कुल को कलंकित करते हुए खुद पर कातिल का ठप्पा लगवा लिया। स्थानीय लोगों का मानना है कि आरोपी की सनक का आलम यह था कि उस मासूम लड़की से उसकी कोई दुश्मनी नहीं थी, उस वक्त वहां कोई और भी होता, तो शायद वह उसका भी यही हाल करता। फिलहाल पुलिस अब आरोपी के मनोवैज्ञानिक प्रोफाइल और उसके पुराने रिकॉर्ड को खंगाल रही है ताकि हत्या के सही कारणों का पता लगाया जा सके।






