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हिमाचल में बड़ा घोटाला: नकली सोना गिरवी रख बैंक से लिया 34.73 लाख का लोन, 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक बेहद चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। माल रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया में कुछ शातिर लोगों ने बैंक के गोल्ड वैल्युएशन सिस्टम को धता बताते हुए नकली गहने गिरवी रखे और बैंक से 34.73 लाख रुपए का लोन हासिल कर लिया। इस खुलासे के बाद न केवल बैंक प्रशासन में हड़कंप मचा है, बल्कि गोल्ड लोन की प्रक्रिया और बैंक के एम्पैनल्ड ज्वैलर (अधिकृत सुनार) की भूमिका भी गंभीर जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस ने बैंक प्रबंधन की शिकायत पर 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार लोन लेने के लिए करीब 6 लोगों ने अलग-अलग समय पर बैंक में संपर्क किया। इन सभी ने गोल्ड लोन लेने के लिए अपने-अपने आभूषण बैंक में गिरवी रखे। बैंक के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत गहनों की जांच की गई और उन्हें असली सोना मानकर मंजूरी दे दी गई। इसके बाद बैंक ने इन लोगों को कुल 34.73 लाख रुपए का कर्ज जारी कर दिया। बैंक प्रबंधन को लंबे समय तक इस फर्जीवाड़े की भनक तक नहीं लगी। मामला तब उजागर हुआ जब हाल ही में बैंक की आंतरिक जांच (ऑडिट) के दौरान कुछ गड़बड़ी का शक हुआ। संदेह के आधार पर जब गिरवी रखे गए गहनों की दोबारा और गहन जांच करवाई गई, तो यह तथ्य सामने आया कि बैंक में जमा अधिकांश आभूषण असली सोने के नहीं, बल्कि नकली हैं। यह पता चलते ही बैंक अधिकारियों के होश उड़ गए।

धोखाधड़ी का पता चलते ही बैंक प्रबंधन ने सक्रियता दिखाते हुए सभी आरोपियों को नोटिस जारी किए और तत्काल बकाया राशि वापस करने के निर्देश दिए। हालांकि, आरोपियों ने बैंक की इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। बैंक के अनुसार अभी तक केवल एक आरोपी ने अपना लोन चुकाया है, जबकि बाकी सभी आरोपी या तो फरार हैं या फिर पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।इस घटना ने बैंक की लोन वितरण प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर बैंक सोने की शुद्धता और कीमत जांचने के लिए एक एम्पैनल्ड ज्वैलर की सेवाएं लेता है। ऐसे में सवाल यह है कि यदि ज्वैलर ने जांच की थी, तो नकली सोना कैसे पास हो गया? अब इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या ज्वैलर ने लापरवाही बरती है या फिर इस पूरे फर्जीवाड़े में उसकी सीधी मिलीभगत है।

शिमला पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी का केस दर्ज कर गहन छानबीन शुरू कर दी है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसके अलावा, बैंक के अंदरूनी सिस्टम और एम्पैनल्ड ज्वैलर की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इस धोखाधड़ी में किसकी क्या जिम्मेदारी है। फिलहाल, पुलिस की कार्रवाई से बैंक प्रबंधन और धोखाधड़ी करने वाले गिरोह में खलबली मची हुई है।

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Author: Desk

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