हिमाचल प्रदेश में नशा तस्कर लगातार अपनी कार्यप्रणाली बदल रहे हैं, और चिंताजनक बात यह है कि इस अवैध धंधे में अब युवतियों की भागीदारी भी बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के लखनपुर स्थित होटल बालाजी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने छापेमारी कर नशाखोरी के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो युवतियों सहित पांच आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लखनपुर स्थित होटल एक कमरे में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने पूरी योजना बनाई और होटल में दबिश दी। पुलिस ने सीधे होटल के कमरा नंबर 205 को टारगेट किया, जहां ये पांचों आरोपी ठहरे हुए थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से 15.85 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया।
पुलिस द्वारा पकड़े गए पांचों आरोपियों की पहचान वीरभा निवास गांव रायपुर सहोड़ा (ऊना), धीरज कुमार निवासी गांव बाथू, हरोली (ऊना), अनुज संधु उर्फ अक्षु निवासी गांव बरसंड, गेहड़वीं (बिलासपुर), अंजलि शर्मा, रामपुर (शिमला) और पूजा निवासी रिकांगपिओ (किन्नौर) के रूप में की गई है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी न केवल स्वयं नशे का सेवन कर रहे थे, बल्कि चिट्टे को बेचने की भी तैयारी में थे। यानी ये सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि नशे की सप्लाई चेन का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज कर लिया है।
बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक संदीप धंवल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस इस पूरे नैटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि यह चिट्टा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई आगे कहां की जानी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिलासपुर पुलिस का नशे के खिलाफ अभियान जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।








