चुनावी माहौल में अक्सर भारी भीड़ और बड़े काफिले मंत्रियों या विधायकों के साथ ही देखने को मिलते हैं, लेकिन झंडूत्ता में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने सबको हैरत में डाल दिया। यह भीड़ किसी वीवीआईपी की नहीं, बल्कि वार्ड नंबर 8 (जांगला) से जिला परिषद का चुनाव लड़ने जा रहे एक युवा निर्दलीय प्रत्याशी देवांश चंदेल की है।
देवांश चंदेल अपने जीवन का पहला चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन उनके नामांकन में उमड़े जनसैलाब ने सियासी धुरंधरों की नींद उड़ा दी है। ढोल-नगाड़ों की थाप, गले में फूलों के हार और समर्थकों के कंधों पर सवार होकर जब देवांश अपना नामांकन दाखिल करने निकले, तो ऐसा लगा मानो पूरा झंडूत्ता उनके समर्थन में सड़कों पर उतर आया हो।
नामांकन से पूर्व देवांश ने अपने पिता का आशीर्वाद लिया। जैसे ही लोगों को उनके नामांकन की भनक लगी, उनके साथ चलने वालों का कारवां खुद-ब-खुद बढ़ता गया। इस विशाल जनसमर्थन को देखकर खुद देवांश भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि “मुझे नहीं पता कि यह भीड़ कैसे और कहां से जुटी। मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे जनता का इतना असीम प्यार और आशीर्वाद मिल रहा है।”
छात्र राजनीति से उभरकर सामने आए देवांश उच्च शिक्षित हैं और अपने क्षेत्र के विकास के लिए एक स्पष्ट विजन रखते हैं। भले ही उनके सामने बड़ी राजनीतिक पार्टियों के दिग्गज मैदान में हैं, लेकिन देवांश का हौसला बुलंद है। उनका कहना है कि “मुझे जनता ने अपना प्रत्याशी मानकर टिकट दे दिया है, अब मुझे किसी और चीज की परवाह नहीं है।”
देवांश की इस लोकप्रियता के पीछे उनकी वर्षों की निस्वार्थ समाजसेवा है। एक आम सेवक के रूप में उनकी पहचान यारों के यार, बच्चों से प्यार करने वाले और बुजुर्गों व महिलाओं का सम्मान करने वाले युवा की है।

कोरोना काल में संक्रमित मरीजों के घर तक राशन पहुंचाना और कोरोना से जान गंवाने वालों का अंतिम संस्कार तक देवांश ने अपने हाथों से किया। गौ सेवा, रक्तदान शिविरों का आयोजन ताकि खून की कमी से किसी की जान न जाए और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाना उनके प्रमुख कार्यों में शामिल रहा है।
देवांश चंदेल के इस शक्ति प्रदर्शन में बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं हर वर्ग शामिल था। समर्थकों ने किसी राजा या दूल्हे की तरह नाचते-गाते हुए उन्हें नामांकन स्थल तक पहुंचाया। यह इस बात का संकेत है कि अब समाज की सोच बदल रही है और लोग पढ़े-लिखे, ऊर्जावान और समाज की रगों में दौड़ने वाले नए खून पर दांव खेलना चाहते हैं। अब तक सड़क पर उतरकर लोगों के मददगार रहे देवांश अब जिला परिषद की कमान संभालकर जनता की सेवा करना चाहते हैं।
देवांश चंदेल के नामांकन में उमड़ी इस अपार भीड़ को देखकर आपको क्या लगता है? क्या यह युवा चेहरा दिग्गजों को मात दे पाएगा? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं।
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