किन्नौर जिले में रूपी वैली से रिकांगपिओ जा रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की एक बस बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। पोषपा के समीप बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए, लेकिन चालक की सूझबूझ और सड़क किनारे बने पैरापिट की वजह से बस गहरी खाई और सतलुज नदी में गिरने से बच गई। बस में सवार सभी 17 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार एचआरटीसी की यह बस रूपी के मझगांव से पिओ की तरफ आ रही थी। सफर के दौरान पोषपा के पास एक तीखे मोड़ पर बस के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। ब्रेक फेल होने का अहसास होते ही चालक ने संयम बरता और बस को किसी तरह सड़क के किनारे पैरापिट के सहारे नियंत्रित कर लिया। इस घटना से बस में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया, लेकिन सुरक्षित बच जाने पर सभी ने राहत की सांस ली।
हादसा टलने के बाद यात्रियों ने एचआरटीसी प्रबंधन और कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त की। यात्रियों का आरोप है कि बस के प्रैशर पाइप में खराबी की जानकारी पहले से थी, इसके बावजूद बस को गंतव्य की ओर ले जाया गया। यात्रियों का कहना है कि यदि समय रहते बस को रोककर खराबी ठीक कर ली जाती, तो उनकी जान जोखिम में नहीं पड़ती।
यात्रियों ने यह भी दावा किया है कि रूपी-पिओ रूट पर चलने वाली यह बस पहले भी करीब 6 बार रास्ते में खराब हो चुकी है। ग्रामीणों द्वारा कई बार इस रूट पर अच्छी और सुरक्षित बसें भेजने की मांग की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इस घटना के बाद यात्रियों ने एचआरटीसी प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि डिपो से बस को रूट पर भेजने से पहले उसकी उचित तकनीकी जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि इस दुर्गम रूट पर तकनीकी रूप से पूरी तरह दुरुस्त और सुरक्षित बसें ही उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







