हिमाचल प्रदेश में अब पंचायतों से परिवार नकल लेना पहले की तरह मुफ्त नहीं होगा। पंचायती राज विभाग ने इस सेवा को पूरी तरह से डिजिटल करते हुए इसके लिए 13.80 रुपए का मामूली शुल्क निर्धारित कर दिया है। इसके साथ ही एक बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब बिना आधार आधारित ई-केवाईसी के किसी भी परिवार को नकल जारी नहीं की जाएगी।
पंचायती राज विभाग के निदेशक राघव शर्मा ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला पंचायत अधिकारियों, बीडीओ और ग्राम पंचायत सचिवों को सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। कांगड़ा के जिला पंचायत अधिकारी सचिन ठाकुर ने भी इन नए विभागीय आदेशों की पुष्टि की है।
अब नागरिक पंचायत सचिव के माध्यम से परिवार नकल के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए आवेदक को परिवार पहचान संख्या बतानी होगी और 13.80 रुपए का शुल्क यूपीआई, क्यूआर कोड या किसी अन्य ऑनलाइन माध्यम से चुकाना होगा। इसके अलावा, लोगों को पंचायत घर जाने की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। अब लोग ई-जिला हिम सेवा पोर्टल के जरिए घर बैठे खुद या अपने नजदीकी लोकमित्र केंद्र के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं परिवारों की नकल ई-पोर्टल से जारी की जाएगी, जिनका डेटा सत्यापित होगा। जनवरी 2025 से ई-परिवार रजिस्टर में आधार आधारित ई-केवाईसी की प्रक्रिया चल रही है। चाहे नए परिवार दर्ज करने हों, नए सदस्य जोड़ने हों या पहले से दर्ज सदस्य हों, सभी के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है।







