जिंदगी का कोई भरोसा नहीं… मौत कब, कहां और कैसे आ जाए, यह कोई नहीं जानता। इसका एक खौफनाक और दर्दनाक उदाहरण हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति से सामने आया है। यहां म्याड़ घाटी में एक प्राकृतिक जल स्रोत पर हाथ-मुंह धोने के लिए बस से उतरे एचआरटीसी के एक कंडक्टर की अचानक पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
मृतक की पहचान मंडी जिले के जोगिंद्रनगर तहसील के लडभड़ोल क्षेत्र निवासी ज्ञान सिंह के रूप में हुई है। ज्ञान सिंह लंबे समय से एचआरटीसी में अपनी सेवाएं दे रहे थे और वर्तमान में केलांग डिपो में तैनात थे। जानकारी के मुताबिक सुबह के समय बस चालक और ज्ञान सिंह नियमित रूट पर थे। म्याड़ घाटी में सफर के बीच दोनों तरोताजा होने के लिए एक प्राकृतिक चश्मे के पास रुके थे। ज्ञान सिंह जैसे ही हाथ-मुंह धोने लगे, अचानक पहाड़ी से एक पत्थर सीधे उनके सिर पर आ गिरा। चोट इतनी गहरी थी कि उन्होंने वहीं दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही उदयपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एचआरटीसी के अधिकारियों ने भी हादसे की पुष्टि की है। ज्ञान सिंह के निधन की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव और सहकर्मियों तक पहुंची, हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई। लाहौल-स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने इस दुखद हादसे पर गहरी संवेदना जताते हुए प्रशासन को पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि प्रदेश में पिछले दो दिनों में पत्थर गिरने से मौत होने की ये दूसरी घटना है। इससे पहले मंडी जिले में भी अपने परिवार के साथ सफर कर रही नालागढ़ निवासी एक महिला की गाड़ी से उतरते वक्त पत्थर की चपेट में आने से जान चली गई थी।








