वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

हिमाचल से पंजाब ले जा रहे थे लाखों रुपए की चरस, एक गलत टर्न और सलाखों के पीछे पहुंच गए 2 युवक

कहते हैं जुर्म का रास्ता चाहे कितना भी शातिराना क्यों न हो, वह अंत में सलाखों तक ही पहुंचता है। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में चरस तस्करी का एक ऐसा ही सनसनीखेज और दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां पंजाब के दो तस्कर लाखों रुपए की चरस लेकर बॉर्डर पार करने ही वाले थे कि उनकी एक गलती ने उन्हें सीधे पुलिस के हत्थे चढ़ा दिया। दरसअल, पुलिस से बचने के चक्कर में ये तस्कर अपना रास्ता ही भटक गए और सीधे उस जगह जा पहुंचे जहां पुलिस की नाकाबंदी थी।

जानकारी के अनुसार, बिलासपुर पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम इलाके में विशेष नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मंडी की तरफ से एक स्कूटी आती हुई दिखाई दी। पुलिस को देखकर स्कूटी सवार दोनों युवक घबरा गए और उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने लगीं। पुलिस ने जब उन्हें रोककर वाहन की गहन तलाशी ली, तो स्कूटी की डिक्की से दो पैक किए गए संदिग्ध पैकेट मिले। जब पुलिस ने इन्हें खोला तो अंदर से चरस बरामद हुई। इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर वजन करने पर यह खेप पूरे 1.09 किलोग्राम निकली। इसके बाद पुलिस ने तुरंत दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया।

इस पूरे ऑप्रेशन में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि तस्करों ने पुलिस से बचने का पूरा प्लान बनाया था। सूत्रों के मुताबिक ये तस्कर मुख्य और निर्धारित मार्ग से जाने के बजाय पुलिस की नजरों से बचने के लिए गलत दिशा में मुड़ गए थे। उन्हें लगा कि इस रास्ते वे आसानी से बॉर्डर पार कर पंजाब पहुंच जाएंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। रास्ता भटकने के कारण वे ठीक उसी जगह जा निकले जहां स्पेशल डिटेक्शन टीम का नाका लगा हुआ था और उनकी पूरी योजना धरी की धरी रह गई।

गिरफ्तार किए गए दोनों युवक पंजाब के होशियारपुर जिले के रहने वाले हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात साफ हो गई है कि हिमाचल से खरीदी गई चरस की यह बड़ी खेप पंजाब में सप्लाई की जानी थी। अवैध बाजार में इस खेप की कीमत लाखों रुपए आंकी जा रही है। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हिमाचल के कुछ इलाकों से पंजाब तक नशे की तस्करी का एक बड़ा अंतर्राज्यीय नेटवर्क सक्रिय है।

बिलासपुर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुट गई हैं कि इन युवकों ने यह चरस हिमाचल में किस व्यक्ति से खरीदी थी और पंजाब में इसे किसे सौंपा जाना था। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड्स, कॉल डिटेल्स और उनके पूरे ट्रैवल रूट की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के इस काले कारोबार में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज जुड़ने पर इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Desk
Author: Desk

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें
error: Content is protected !!