हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमाओं का फायदा उठाकर नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ नॉर्दन रेंज की एसटीएफ (नारकोटिक्स) ने अपना शिकंजा कस दिया है। ऊना जिले के अंब में एक खुफिया ऑप्रेशन के दौरान एसटीएफ ने मोटरसाइकिल के टूलबॉक्स में छिपाकर लाया जा रहा 60.45 ग्राम चिट्टा जब्त किया है।
एसटीएफ नारकोटिक्स कांगड़ा की एएसपी रेणु कुमारी के निर्देशों पर काम कर रही एएसआई सुरेश कुमार और अंकुश की टीम को ड्रग्स के इस रूट की गुप्त जानकारी मिली थी। सूचना थी कि पंजाब के होशियारपुर (तलवाड़ा) से नशे की खेप हिमाचल के दौलतपुर चौक लाई जा रही है। रणनीति के तहत एसटीएफ ने इलाके में सर्विलांस बढ़ाया। जैसे ही एक संदिग्ध मोटरसाइकिल दौलतपुर चौक से मुबारिकपुर रोड की ओर मुड़ी, टीम ने उसका पीछा किया। मुबारिकपुर शिव मंदिर के पास जैसे ही टीम ने बाइक को रोककर चेकिंग की, तो टूलबॉक्स में छिपाया गया नशा बरामद हो गया।
हैरानी की बात यह है कि नशे के इस काले कारोबार में पकड़े गए दोनों आरोपी बेहद कम उम्र के हैं। इनकी पहचान होशियारपुर जिले के तलवाड़ा निवासी मुनीश (19) पुत्र रवि वर्मा और दोसड़का तलवाड़ा निवासी करण (20 वर्ष) के रूप में हुई है। एसटीएफ अब इस एंगल से पूछताछ कर रही है कि इन युवाओं को ड्रग पेडलिंग के दलदल में किसने धकेला और यह खेप हिमाचल में किसे डिलीवर की जानी थी।
अंब के डीएसपी अनिल पटियाल ने बताया कि दोनों के खिलाफ अंब पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये युवा महज ड्रग पैडलर हैं या किसी बड़े अंतर्राज्यीय सप्लायर गैंग का हिस्सा हैं। पुलिस न्यायालय से इनकी कस्टडी मांगेगी ताकि इस नशे की सप्लाई चेन को जड़ से खत्म किया जा सके।








