हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र से एक खौफनाक हादसे की खबर सामने आई है। कमरऊ तहसील के बागनाधार स्थित एक खदान में मंगलवार को अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा दरक गया। पहाड़ से गिरे इस भारी मलबे की चपेट में आने से माइनिंग क्षेत्र में खड़े दो वाहन और एक एलएंडटी मशीन पूरी तरह दफन हो गए। सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि इस मलबे के नीचे तीन लोगों के दबे होने की आशंका है। कमरऊ निवासी गुमान सिंह द्वारा तहसील प्रशासन को इस हादसे की सूचना दिए जाने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के वक्त जो तीन लोग मलबे की चपेट में आए हैं, उनमें बड़वास निवासी वाहन चालक अनिल कुमार और नेपाल मूल के दो बुजुर्ग नागरिक 65 वर्षीय गजेन्द्र सिंह व 68 वर्षीय धन सिंह शामिल हैं। इन तीनों के मलबे में दबे होने की खबर से उनके परिजनों और स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तो शुरू कर दिया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और घटनास्थल की जटिल भौगोलिक स्थिति इसमें सबसे बड़ा रोड़ा साबित हो रही है। बारिश के कारण रास्ते खराब हो गए हैं, जिससे भारी मशीनरी को घटनास्थल तक पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि भारी मशीनों के अभाव में प्रशासन और बचाव दल को मजबूरी में हाथों और छोटे उपकरणों की मदद से से मलबा हटाना पड़ रहा है।
रेस्क्यू टीम के सामने सिर्फ मलबे में फंसे लोगों को निकालने की ही चुनौती नहीं है, बल्कि अपनी जान बचाने का भी जोखिम है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से दोबारा मलबा खिसकने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में बचाव दल को मौके की परिस्थितियों का लगातार आकलन करते हुए बेहद सावधानी से आगे बढ़ना पड़ रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए कमरऊ के नायब तहसीलदार ओमप्रकाश तुरंत राहत एवं बचाव दल के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। प्रशासन की पूरी टीम स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। नायब तहसीलदार ओमप्रकाश ने हालात की जानकारी देते हुए बताया कि टीम का पूरा फोकस मलबे में फंसे तीनों लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है। मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है, लेकिन खराब मौसम के कारण अभियान काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। भारी मशीनरी को मौके तक पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं।








