हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में एक पंचायत उपप्रधान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। रामशहर पुलिस थाना क्षेत्र के तहत आने वाले जंगल में उपप्रधान का शव बरामद हुआ है। मृतक के पेट में गोली लगी हुई थी। पुलिस फिलहाल हत्या और हादसे, दोनों ही एंगल्स से इस पेचीदा मामले की गहन जांच कर रही है।
मृतक की पहचान रामशहर थाना क्षेत्र की चिल्लड़ पंचायत के पनोला गांव निवासी भगत (50) के रूप में हुई है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भगत करीब 10 वर्ष पहले भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे और वर्तमान में उपप्रधान के पद पर थे। बुधवार शाम वह अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर घर से करीब दो किलोमीटर दूर खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटे, तो चिंतित परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की।
तलाश के दौरान जंगल और खेतों के आसपास भगत का शव संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। उनके पेट पर गोली लगने का स्पष्ट निशान था। घटना की सूचना मिलते ही रामशहर पुलिस और डीएसपी नालागढ़ भीष्म ठाकुर दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर तलब किया गया।
डीएसपी नालागढ़ भीष्म ठाकुर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है और न ही परिजनों ने अभी तक किसी पर हत्या का संदेह जताया है। पुलिस एक संभावना यह भी जता रही है कि भारी बारिश के कारण कीचड़ में फिसलने से लाइसेंसी बंदूक से अचानक गोली चल गई हो, जो सीधे उनके पेट में जा लगी।
पुलिस ने घटनास्थल से सभी अहम साक्ष्य जुटा लिए हैं। मौत के असली कारणों से पर्दा उठाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स बिलासपुर भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगी।








