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मणिमहेश यात्रा: 13 हजार फुट की ऊंचाई पर जन्माष्टमी का शाही स्नान शुरू, डल झील पर उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब

उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा में जन्माष्टमी के पावन पर्व पर शिवभक्तों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है। समुद्र तल से करीब 13 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र डल झील में छोटे शाही स्नान के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। पिछले साल खराब मौसम की मार झेलने वाली इस यात्रा में इस बार मौसम पूरी तरह अनुकूल है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही बेहद सुगम बनी हुई है।

शुक्रवार रात 12:14 बजे तक रहेगा छोटे शाही स्नान का शुभ मुहूर्त

प्रशासन के अनुसार छोटे शाही स्नान का शुभ मुहूर्त गुरुवार रात 2:26 बजे से शुरू हो गया है जोकि शुक्रवार रात 12:14 बजे तक रहेगा। इस शाही स्नान के लिए हिमाचल प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और जम्मू से भारी संख्या में शिवभक्त यहां पहुंच रहे हैं। डल झील में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। एसडीएम भरमौर अजय कुमार सिंह ने बताया कि भारी भीड़ के बावजूद यात्रा सुचारू रूप से चल रही है और प्रशासन हर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

पिछली बार फंसे थे 25 हजार यात्री, इस बार कड़े नियम

गौरतलब है कि पिछले साल भारी बारिश और बादल फटने के कारण 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु भरमौर मार्ग पर फंस गए थे। इससे सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार कड़े नियम लागू किए हैं। यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। हड़सर बेस कैंप पर अनिवार्य स्वास्थ्य जांच (मेडिकल चेकअप) के बाद ही यात्रियों को 13 किलोमीटर लंबे पैदल ट्रैक पर आगे जाने की अनुमति दी जा रही है।

19 सितम्बर तक चलेगी यात्रा, अब राधाष्टमी के बड़े स्नान पर नजर

मणिमहेश पहुंचने के लिए श्रद्धालु हड़सर से पैदल यात्रा शुरू कर रहे हैं, जिसका मुख्य विश्राम स्थल धनछो है। इसके अलावा 4 कंपनियों की हेलीटैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। डल झील से ठीक पहले स्थित गौरी कुंड (जहां माता पार्वती ने स्नान किया था) और शिव क्रोत्री (जहां भगवान शिव ने स्नान किया था) में भी श्रद्धालु नतमस्तक हो रहे हैं। यह आधिकारिक यात्रा 19 सितम्बर तक चलेगी। जन्माष्टमी के बाद अब 18 और 19 सितम्बर को राधाष्टमी के मौके पर होने वाले बड़े शाही स्नान के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

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Author: Desk

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