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बिलासपुर के इस सपूत ने बढ़ाया हिमाचल का मान, भारतीय हैंडबॉल टीम का बना मुख्य कोच

प्रतिभा किसी बड़े शहर या सुख-सुविधाओं की मोहताज नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले मनोज ठाकुर ने। साधारण परिवार से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले युवा हैंडबॉल कोच मनोज ठाकुर को अब देश की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें भारतीय पुरुष जूनियर हैंडबॉल टीम का मुख्य प्रशिक्षक नियुक्त किया गया है। अब हिमाचल का यह लाल चीन में होने वाले एशियाई महाकुंभ में ‘टीम इंडिया’ की रणनीति तय करेगा और भारतीय हैंडबॉल का भविष्य संवारेगा।

मनोज ठाकुर की यह नियुक्ति चीन में आयोजित होने वाली आगामी 19वीं एशियाई पुरुष जूनियर हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए की गई है। इस बड़े अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उतरने से पहले भारतीय टीम को फौलाद बनाने की जिम्मेदारी भी मनोज के ही कंधों पर है। इसके लिए झारखंड के जमशेदपुर स्थित टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 3 जुलाई से राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आगाज हो रहा है। इस कैंप में मनोज ठाकुर देश भर से चुने गए बेहतरीन युवा खिलाड़ियों को तकनीकी बारीकियां सिखाएंगे और विरोधियों को पछाड़ने की अचूक रणनीतियां तैयार करेंगे।

वर्तमान में युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में हैंडबॉल कोच के तौर पर सेवाएं दे रहे मनोज ठाकुर का सफर पहाड़ों के युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। वे बिलासपुर जिले के नम्होल क्षेत्र की सिकरोहा पंचायत के छोटे से गांव साईं के रहने वाले हैं। बिलासपुर से ही अपनी शुरुआती और उच्च शिक्षा पूरी करने वाले मनोज ने अपनी अथक मेहनत और खेल के प्रति जुनून के दम पर खुद को देश के सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षकों की कतार में ला खड़ा किया है।

यह कोई पहला मौका नहीं है जब मनोज ठाकुर पर राष्ट्रीय हैंडबॉल संघ ने इतना बड़ा भरोसा जताया है। इससे पहले भी वे विदेशों में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय टीम के कोच के रूप में अपनी धाक जमा चुके हैं। इसके अलावा, कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में वे न सिर्फ हिमाचल प्रदेश की हैंडबॉल टीम के मुख्य कोच रहे हैं, बल्कि रेफरी और तकनीकी अधिकारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके तराशे गए कई खिलाड़ी आज राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

मनोज ठाकुर खेलों को सिर्फ मेडल जीतने का जरिया नहीं मानते। उनका स्पष्ट मानना है कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण का सबसे अहम हिस्सा हैं। उनके अनुसार, मैदान पर पसीना बहाने से न केवल खिलाड़ियों में अनुशासन और आत्मविश्वास आता है, बल्कि यह युवाओं को नशे जैसी भयानक सामाजिक बुराइयों से दूर रखने का सबसे कारगर माध्यम भी है।

मनोज ठाकुर को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाए जाने से बिलासपुर सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और खेल संगठनों ने इस उपलब्धि को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताया है। हिमाचल को अब पूरी उम्मीद है कि उनके बेटे के मार्गदर्शन में भारतीय युवा हैंडबॉल टीम एशियाई स्तर पर तिरंगा जरूर लहराएगी।

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Author: Desk

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