शिमला जिले के चौपाल स्थित शंठा (झाड़ी) गांव में वीरवार शाम उस वक्त मातम पसर गया, जब स्कूल से घर लौट रहे बच्चों से भरी एक फॉर्च्यूनर गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दर्दनाक हादसे में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक होनहार छात्रा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि सात अन्य बच्चे घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल बच्चों को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया है, लेकिन एंबुलेंस की कमी के कारण उनके उपचार में बाधा आ रही है।
घटना वीरवार शाम करीब सवा पांच बजे चौपाल-देवत सड़क पर पेश आई। राजकीय विद्यालय देवत के आठ बच्चे फॉर्च्यूनर कार (HP-08-B-3131) में सवार होकर वापस अपने गांव शंठा जा रहे थे। शंठा (झाड़ी) के पास चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और कार सीधे सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। हादसे में शंठा निवासी रमेश की बेटी साक्षी (7वीं कक्षा) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए खाई में उतरकर बच्चों का रेस्क्यू किया। ग्रामीणों ने पहले बच्चों को स्कूल तक पहुंचाया और फिर पुलिस की मदद से सभी घायलों को सिविल अस्पताल चौपाल में भर्ती कराया। हादसे में स्नेहा पुत्री विनोद, अंकित पुत्र अनिल, अंशुल पुत्र कमलेश, हेमंत पुत्र रण सिंह, वंश पुत्र मनोहर, हार्दिक पुत्र हेमराज और रियांश पुत्र कमलेश घायल हुए हैं।
इस दुखद घटना के बीच अस्पताल की लचर व्यवस्था ने लोगों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। गंभीर रूप से घायल बच्चों को शिमला ले जाने के लिए चौपाल अस्पताल में एक भी एंबुलेंस मौजूद नहीं थी। इससे स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए लोगों ने तत्काल स्वास्थ्य एवं परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने की सख्त मांग की है। वाहन अनियंत्रित किन कारणों से हुआ, इसकी आधिकारिक जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।








