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करवा चौथ का सबसे अनमोल तोहफा: यमराज से छीन लाया पत्नी की सांसें, पति ने किडनी देकर बचाई जान

करवा चौथ के दिन अमूमन पत्नियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश के ज्वालामुखी से एक ऐसी भावुक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने प्यार और समर्पण की नई परिभाषा गढ़ दी है। यहां एक पति ने करवा चौथ से ठीक पहले अपनी 58 वर्षीय पत्नी को अपनी किडनी दान कर न सिर्फ उसे मौत के मुंह से बाहर निकाला, बल्कि उसे नई जिंदगी का अनमोल तोहफा दिया है।

जानकारी के मुताबिक ज्वालामुखी निवासी इस दंपती की जिंदगी में तब बड़ा संकट आ गया जब 58 वर्षीय पत्नी एक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी का शिकार हो गईं। इस बीमारी ने उनके शरीर को इस कदर नुकसान पहुंचाया कि उनकी किडनी ने पूरी तरह काम करना बंद कर दिया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो जिंदगी बचाने का आखिरी और एकमात्र रास्ता किडनी ट्रांसप्लांट ही बचा था।

इस मुश्किल घड़ी में जब जीवनसाथी की जान पर बन आई, तो पति ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी एक किडनी पत्नी को देने का फैसला किया। इस पूरी प्रक्रिया में दंपती की डॉक्टर बेटी ने एक अहम भूमिका निभाई। बेटी ने अपने माता-पिता को किडनी ट्रांसप्लांट की मेडिकल प्रक्रिया के बारे में समझाया, डॉक्टरों से विस्तृत चर्चा की और सभी जरूरी जांच के बाद इस ट्रांसप्लांट का रास्ता साफ किया।

किडनी ट्रांसप्लांट का यह जटिल ऑप्रेशन टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में किया गया। अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. अमित शर्मा, डॉ. अभिनव राणा और उनकी मेडिकल टीम ने इस सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। डॉक्टरों के अनुसार, ऑप्रेशन पूरी तरह सफल रहा है। पत्नी की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है और अब दोनों (पति-पत्नी) को अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।

यह कहानी आधुनिक दौर की उस सावित्री की याद दिलाती है जो अपने पति के प्राण यमराज से वापस ले आई थी, लेकिन इस बार, एक पति ने अपनी पत्नी के लिए यह भूमिका निभाई है। पति का यह कदम साबित करता है कि विवाह के वक्त लिए गए सात फेरों में सुख-दुख में साथ निभाने का जो वादा किया जाता है, उसके असल मायने क्या हैं।

इस बार करवा चौथ पर इस पत्नी को किसी महंगे आभूषण या भौतिक तोहफे की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उसके पति ने उसे सांसों का जो उपहार दिया है, उसकी कीमत दुनिया की कोई दौलत नहीं चुका सकती। ज्वालामुखी के इस शख्स ने समाज को यह संदेश दिया है कि सच्ची मोहब्बत सिर्फ शब्दों में नहीं जताई जाती, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपना सब कुछ दांव पर लगाकर साबित की जाती है।

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Author: Desk

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