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हिमाचल में गजब कारनामा! लोग जिसे आर्मी अफसर समझ ठोक रहे थे सैल्यूट…वो निकला होटल का बावर्ची

हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स, जो पेशे से होटल में खाना बनाने वाला शेफ (बावर्ची) है, शौक और रौब जमाने के लिए भारतीय सेना का अधिकारी बन बैठा। इस शख्स ने न केवल सेना की हू-ब-हू वर्दी और अफसरों वाले बैज हासिल किए, बल्कि एक फर्जी कैंटीन कार्ड भी बनवा लिया। हालांकि, संवेदनशील इलाके में उसकी यह चालाकी ज्यादा दिन नहीं चल सकी और मिलिट्री इंटेलिजेंस की मुस्तैदी से वह पकड़ा गया।

आरोपी ने खुद को एक सैन्य अधिकारी के रूप में पेश करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। फौजियों वाला हेयरकट, मूंछों पर ताव और कंधों पर अफसरों वाले बैज देखकर कोई भी धोखा खा जाए। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसकी जेब से सेना का एक लिकर (शराब) कार्ड बरामद हुआ। इस कार्ड पर उसकी सैन्य वर्दी वाली फोटो बकायदा छपी हुई थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि इस फर्जी फौजी का असली नाम अर्पण कटोच है। वह मूल रूप से कांगड़ा जिले के बैजनाथ स्थित टिकरी गांव का रहने वाला है। अर्पण सोलन के सुनारड़ी इलाके में एक किराए के कमरे में रह रहा था और वहीं पास के एक होटल में बतौर शेफ काम करता था। जानकारी के मुताबिक, जब उसका मन करता, वह होटल में खाना बनाता और जब फौज का रौब झाड़ने की इच्छा होती, तो वह आर्मी की वर्दी पहनकर इलाके में निकल पड़ता था। वह लोगों के बीच खुद को सेना का बड़ा अफसर ही बताता था।

सोलन और उसके आसपास का इलाका सैन्य छावनी के करीब होने के कारण बेहद संवेदनशील है। मिलिट्री इंटेलिजेंस गुप्त सूचना मिली थी कि कोट और आसपास के इलाकों में एक युवक सेना के अधिकारी की वर्दी पहनकर घूम रहा है, जो संदिग्ध लग रहा है। सूचना पुख्ता होने के बाद गढ़खल पुलिस एक्टिव हुई और सुनारड़ी इलाके से आरोपी को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि पकड़े जाने के बाद भी वह कुछ देर तक फौजी होने का ही नाटक करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और उससे आई-कार्ड और दस्तावेजों की मांग की, तो उसका सारा खेल सामने आ गया।

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी हुई है कि आरोपी ने सेना की हू-ब-हू वर्दी और अधिकारियों वाले बैज कहां से खरीदे या बनवाए? सेना का फर्जी लिकर कार्ड बनाने में किसने उसकी मदद की? क्या उसका मकसद सिर्फ रौब झाड़ना और शौक पूरा करना था, या इस संवेदनशील इलाके में इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी?

बता दें कि भारतीय सेना की वर्दी देश के सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है। किसी आम नागरिक द्वारा इसका इस तरह फर्जीवाड़ा कर इस्तेमाल करना सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर अपराध है। फिलहाल, पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

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Author: Desk

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