वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

हिमाचल: मशीन ने निगली शख्स की जान, 2 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया…मां का पहले हो चुका है देहांत

रोजी-रोटी की तलाश में उत्तराखंड से हिमाचल आए शख्स को क्या पता था कि मशीन में फंसा एक मामूली कागज का टुकड़ा उसकी जिंदगी निगल लेगा। कांगड़ा जिले के संसारपुर टैरेस औद्योगिक क्षेत्र में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। घटना संसारपुर टैरेस स्थित जस्सर पेपर मिल प्राइवेट लिमिटेड की है। उत्तराखंड के चमोली जिले (गांव कंदेरी) के रहने वाले 50 वर्षीय कीर्ति सिंह यहां लंबे समय से काम कर रहे थे। रोजमर्रा की तरह वह अपनी ड्यूटी पर थे, तभी पेपर रोलिंग मशीन में अचानक कागज फंस गया। उत्पादन न रुके, इसलिए कीर्ति ने मशीन में हाथ डालकर कागज खींचने की कोशिश की, लेकिन यही पल उनकी जिंदगी का आखिरी पल बन गया। जैसे ही उन्होंने कागज खींचा, मशीन ने उनके हाथ को झटके से अपनी ओर खींच लिया।

हादसा इतनी तेजी से हुआ कि कीर्ति को संभलने का मौका ही नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कीर्ति का हाथ फंसते ही वहां चीख-पुकार मच गई। एक साथी कर्मचारी ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए मशीन का स्विच बंद किया, लेकिन तब तक मशीन अपना काम कर चुकी थी और कीर्ति बुरी तरह लहूलुहान हो चुके थे। साथी कर्मचारी आनन-फानन में उन्हें बीबीएमबी अस्पताल तलवाड़ा ले गए, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस हादसे में सबसे दर्दनाक पहलू कीर्ति सिंह का परिवार है। कीर्ति सिंह की पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका था। वह खुद ही अपने दो बच्चों के लिए मां और बाप दोनों का फर्ज निभा रहे थे, लेकिन अब पिता की मौत की खबर ने उन बच्चों को पूरी तरह अनाथ कर दिया है। जैसे ही यह खबर उनके पैतृक गांव चमोली पहुंची तो वहां मातम पसर गया।

इस हादसे के बाद उद्योग परिसरों में मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं घटना की भनक लगते ही डीएसपी डाडा सीबा राज कुमार और संसारपुर टैरेस थाना प्रभारी संजय शर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। नूरपुर से विशेष फोरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि जब मशीन चल रही थी, तब सुरक्षा ग्रिल या सेंसर जैसी व्यवस्था वहां थी या नहीं? क्या प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई? फोरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही हादसे की असली वजह और जिम्मेदारी तय हो पाएगी। फिलहाल, परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया जाएगा।

Desk
Author: Desk

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें
error: Content is protected !!