हिमाचल प्रदेश की विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मनाली अब बाहरी राज्यों के नशा तस्करों का नया ठिकाना बनती जा रही है। हालांकि, कुल्लू पुलिस के नशा मुक्त अभियान ने इन तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पुलिस ने मनाली थाना क्षेत्र के झाड़ग (अलेऊ) में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय ड्रग नैटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यहां एक किराए के मकान को तस्करों ने चिट्टे की मंडी बना रखा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कमरे में दबिश दी और पंजाब से आए 2 महिलाओं सहित चार तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार कुल्लू पुलिस की एक टीम झाड़ग (अलेऊ) इलाके में गश्त कर रही थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि इलाके के एक किराए के कमरे में नशे की बड़ी खेप के साथ खरीद-फरोख्त का कारोबार चल रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत बताई गई जगह पहुंचकर छापा मारा। पुलिस को अपने सामने देखकर कमरे में मौजूद तस्करों के होश उड़ गए। जब टीम ने तलाशी ली, तो वहां से 26.200 ग्राम चिट्टा, 20 हजार रुपए की नकदी, ड्रग्स तोलने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, सिल्वर फॉइल, लाइटर और नशे के सेवन व पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ।
पुलिस के हत्थे चढ़े यह सभी तस्कर पंजाब के अमृतसर के रहने वाले हैं। इनकी पहचान 35 वर्षीय कुलदीप सिंह पुत्र बलदेव सिंह निवासी फतेहगढ़ राजपूतां, 22 वर्षीय गहनेशाह उर्फ अंश पुत्र हरबंश सिंह, अंश की 20 वर्षीय पत्नी मनप्रीत कौर उर्फ काव्या और 35 वर्षीय गीता पत्नी लवीश महाजन के रूप में हुई है। पुलिस ने इन चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। भारी मात्रा में बरामद नशे और उपकरणों को देखते हुए पुलिस जल्द ही इन सभी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेगी, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य गहरे राज उगवाए जा सकें।
एसपी कुल्लू मदन लाल ने स्पष्ट किया है कि पुलिस अब इस पूरे नैटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए काम कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुट गई है कि नशे की इतनी बड़ी खेप कुल्लू तक कैसे पहुंची, इस सप्लाई चेन का हिस्सा कौन-कौन है और इसका मुख्य सप्लायर कौन है। इसके अलावा तस्करों के मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उनके संपर्क सूत्रों और बैंक लेन-देन के दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला जा रहा है। पुलिस यह भी ट्रेस कर रही है कि यह गिरोह कब से मनाली में सक्रिय था और यहां उनके लोकल ग्राहक कौन-कौन थे।








