किशोर अवस्था में पल भर का गुस्सा और आवेश कितना जानलेवा हो सकता है, कुल्लू जिले से आई एक खबर इसका जीता-जागता और दर्दनाक उदाहरण है। छोटी-छोटी बातों पर आज के बच्चे किस तरह का मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं, इस घटना ने एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे को सतह पर ला दिया है। महज कुछ रुपयों की मांग पूरी न होने पर 16 वर्षीय किशोर ने अपनी जान दे दी और अपने पीछे छोड़ गया एक रोता-बिलखता परिवार।
पुलिस जानकारी के अनुसार यह हृदयविदारक घटना भुंतर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव नंजा (डाकघर ठेला) की है। 16 वर्षीय ठाकुर दास उर्फ रोहित ने 22 जुलाई को अचानक घर में रखा खरपतवार नाशक पी लिया। जब परिजनों को इसका पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। गंभीर हालत में रोहित को तुरंत हरिहर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी जान बचाने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन जहर उसके शरीर में पूरी तरह फैल चुका था। 25 जुलाई को इलाज के दौरान रोहित जिंदगी की जंग हार गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में जो कारण सामने आया है, वह रुला देने वाला है। घटना वाले दिन रोहित ने अपनी मां से कुछ पैसे मांगे थे, लेकिन परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। मां के पास पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने असमर्थता जताई। मां की यह मजबूरी किशोर मन समझ नहीं पाया और इसी बात से आहत होकर उसने इतना खौफनाक कदम उठा लिया।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन इस घटना ने पुलिस को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। कुल्लू के एसपी मदन लाल कौशल ने इसे एक सामाजिक मुद्दा मानते हुए अभिभावकों से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के मन में क्या चल रहा है, इसे समझना बहुत जरूरी है। माता-पिता बच्चों के साथ एक दोस्ताना और नियमित संवाद कायम रखें। अगर बच्चा मानसिक तनाव में है या उसके व्यवहार में अचानक बदलाव आ रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें। आपका थोड़ा-सा समय, प्यार और भावनात्मक सहारा किसी भी बच्चे को ऐसा गलत कदम उठाने से रोक सकता है।







