हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की शांति उस वक्त भंग हो गई, जब बालकरूपी पंचायत में एक 58 वर्षीय पूर्व सैनिक पर फायरिंग कर दी गई। पूर्व सैनिक महेंद्र सिंह अपनी दिनचर्या के अनुसार अपने पालतू कुत्ते को घुमाने निकले थे, तभी घात लगाए बैठे हमलावर ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली महेंद्र सिंह की टांग में लगी है। गोली चलने की आवाज सुनते ही इलाके में हड़कंप मच गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से जंगल की तरफ फरार हो गया। ग्राम पंचायत प्रधान अजय राणा ने बिना समय गंवाए पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि हमलावर कोई अज्ञात नहीं, बल्कि पीड़ित का पूर्व सहकर्मी है। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश निवासी शत्रुघ्न के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, महेंद्र सिंह और आरोपी शत्रुघ्न दोनों बद्दी स्थित एक निजी फैक्ट्री में एक साथ काम करते थे। महेंद्र सिंह ने इसी साल मार्च महीने में वह नौकरी छोड़ दी थी और अपने घर लौट आए थे।
बताया जा रहा है कि आरोपी शत्रुघ्न पहले भी महेंद्र सिंह को घर छोड़ने के लिए कांगड़ा आ चुका था। ऐसे में एक पूर्व सहकर्मी का इस तरह का जानलेवा हमला करना कई गहरे सवाल खड़े कर रहा है। आखिर दोनों के बीच ऐसा क्या विवाद हुआ कि नौबत यहां तक पहुंच गई, पुलिस इसकी गहराई से पड़ताल कर रही है। पुलिस को घटनास्थल से एक देसी कट्टा बरामद हुआ है, जिससे फायरिंग किए जाने का अंदेशा है। पुलिस ने इसे साक्ष्य के तौर पर कब्जे में ले लिया है।
फिलहाल मामले की असली वजह रहस्य बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही घटना के पीछे के स्पष्ट कारणों का खुलासा हो सकेगा। फरार आरोपी शत्रुघ्न को पकड़ने के लिए पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर ली है और आसपास के जंगलों में भारी पुलिस बल के साथ सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। घायल पूर्व सैनिक का इलाज जारी है और पुलिस उनके बयानों के आधार पर आगे की कड़ी जोड़ रही है। बैजनाथ के डीएसपी संदीप शर्मा ने मामले की पुष्टि की है।








