हिमाचल प्रदेश के जिस ‘ड्रोन बॉय’ की उपलब्धि पर हाल ही में पूरा प्रदेश गर्व कर रहा था, वह मामला अब सवालों के घेरे में आ गया है। बड़ू स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज के छात्र सर्वेश शर्मा को भारतीय सेना से 3.5 करोड़ रुपए की ग्रांट मिलने के दावों पर रक्षा मंत्रालय की संस्था ने विराम लगा दिया है। इन दावों के खंडन के बीच सबसे दुखद और चौंकाने वाला पहलू यह है कि लगभग उसी दौरान छात्र हॉस्टल की तीसरी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिर गया। अब पुलिस इस पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
भारतीय सेना के लिए इनोवेशन को बढ़ावा देने वाली संस्था ‘इनोवेशंस फॉर डिफैंस एक्सीलैंस’ (iDEX-DIO) ने ग्रांट से जुड़ी खबरों को भ्रामक बताया है। संस्था ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल पर जानकारी सांझा करते हुए स्पष्ट किया है कि पिछले दो महीने से सर्वेश शर्मा के प्रोजैक्ट को 3.5 करोड़ रुपए की ग्रांट मिलने की जो खबरें प्रसारित हो रही हैं, वे सत्य नहीं हैं। संस्था ने यह भी हिदायत दी है कि रक्षा और ग्रांट जैसी संवेदनशील जानकारियों को प्रसारित करने से पहले उनका संबंधित विभाग से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए।
बता दें कि भोरंज की बाहनवी पंचायत के रहने वाले 5वें सेमैस्टर के छात्र सर्वेश ने करीब 87 हजार रुपये की लागत से एक ड्रोन तैयार किया था। इसके बाद 3.5 करोड़ की ग्रांट मिलने की खबरें सामने आईं। इन दावों पर छात्र और कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बकायदा मीडिया को इंटरव्यू भी दिए थे। न्यूज 18 के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार 24 सितम्बर को कॉलेज प्रबंधन ने प्रैस रिलीज भी जारी की थी।
हैरानी की बात यह रही कि 23 सितम्बर को राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने सर्वेश और उसके परिवार से मुलाकात कर उसे सम्मानित किया था। इस अहम मुलाकात में डीसी और एसपी हमीरपुर भी मौजूद थे। अब iDEX-DIO के खंडन के बाद यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या इतने उच्च स्तर पर किसी उपलब्धि को सराहने से पहले ग्रांट से जुड़े आधिकारिक ईमेल या पत्र की सत्यता जांचने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया?
इस मामले ने 28 अक्तूबर को तब एक गंभीर मोड़ ले लिया, जब सर्वेश अपने कॉलेज हॉस्टल की तीसरी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिर गया। गौरतलब है कि छात्र के गिरने और iDEX द्वारा एक्स पर दावों का खंडन किए जाने का समय लगभग आसपास ही है। इस हादसे में सर्वेश को गंभीर चोटें आई हैं। उसे हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रैफर कर दिया गया है।
घटना के बाद हमीरपुर पुलिस गहराई से जांच में जुट गई है। पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है कि आखिर छात्र का गिरना महज एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है, या फिर दावों पर उठे सवालों और अचानक बनी भ्रम की स्थिति के चलते पैदा हुए किसी दबाव का परिणाम? वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीते दिन सेना की तरफ से कॉलेज प्रबंधन से संपर्क कर सर्वेश का नंबर मांगा गया था। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम और अपनी जांच प्रक्रिया को लेकर कॉलेज प्रबंधन ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
Public Clarification‼️
News claiming that a ₹3.5 crore #iDEX grant was sanctioned to Sarvesh Sharma for developing an Army drone has been circulating online for two months.
DIO clarifies that the news is FAKE. Please verify information through official sources before sharing. https://t.co/65UUoZm45A
— iDEX DIO (@India_iDEX) October 28, 2026








