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कुदरत का कहर: शिमला में 3 जगह लैंडस्लाइड, बाप-बेटी सहित 4 लाेगाें की गई जान

शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस साल का मानसून कुछ ज्यादा ही बेरहम साबित हो रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, बादल फटने, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन काे बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। अब तक इन आपदाओं में 300 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। परिवार बिखर रहे हैं, घर उजड़ रहे हैं और लोग अपनों को खोने के दर्द से गुजर रहे हैं। ताजा घटनाएं शिमला जिले में सामने आई हैं, जहां पिछले 24 घंटों की बारिश ने 4 जिंदगियां छीन लीं। आइए, इन दुखद घटनाओं पर एक नजर डालते हैं, जो हमें याद दिलाती हैं कि प्रकृति के आगे हम कितने असहाय हैं।

जुब्बल में युवती की दर्दनाक मौत

जुब्बल तहसील की बढाल पंचायत के बाऊली गांव में लगातार हो रही बारिश की वजह से एक मकान की दीवार अचानक ढह गई। इस दौरान मलबे की चपेट में आकर 23 साल की युवती कनिष्का पुत्री स्वर्गीय अमर सिंह ने अपनी जान गंवा दी। इस घटना से परिवार वाले सदमे में हैं और गांव में शाेक की लहर दाैड़ गई है।

जुन्गा में पिता-बेटी की जिंदगी खत्म, पत्नी बाल-बाल बची

जुन्गा तहसील के पटवार सर्कल डबलू के उप मोहाल जोत में भूस्खलन ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। यहां एक घर भूस्खलन की चपेट में आ गया। इस हादसे में 35 साल के वीरेंद्र कुमार पुत्र जय सिंह और उनकी 10 साल की मासूम बेटी की मौत हो गई। घर में रखे मवेशी भी इस आपदा में मारे गए। राहत की बात यह रही कि वीरेंद्र की पत्नी उस वक्त घर के बाहर थीं, इसलिए वो बाल-बाल बच गईं, लेकिन अब वो अकेली रह गई हैं। अधिकारियों को जैसे ही सूचना मिली, वे फौरन घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन लगातार बारिश के चलते राहत कार्य में मुश्किल आ रही है।

कोटखाई में बुजुर्ग महिला का घर बना कब्र

उधर, शिमला के कोटखाई इलाके में भी भूस्खलन ने कहर बरपाया। चोल गांव में एक मकान पूरी तरह ढह गया और मलबे के नीचे दबकर बुजुर्ग महिला कलावती पत्नी बालम सिंह की मौत हो गई। कलावती का परिवार अब गम में डूबा है। ये घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे एक पल में सब कुछ बदल जाता है।

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Author: Desk

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