
देवभूमि हिमाचल प्रदेश इस समय प्रकृति के रौद्र रूप का सामना कर रही है। बरसात का मौसम यहां तबाही का मंजर लेकर आया है, जहां जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं आम हो चुकी हैं। इसी कहर के बीच बुधवार को शिमला जिले के रामपुर उपमंडल से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।
बिथल में काली मिट्टी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर अचानक पहाड़ों से भारी चट्टानें खिसकनी शुरू हुईं और इसी दौरान वहां से गुजर रही एक निजी बस पर कुदरत का कहर टूट पड़ा। हादसा इतना भीषण था कि एक विशालकाय चट्टान बस की छत तोड़ते हुए सीधे अंदर जा घुसी, जिससे बस का आधा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह मंजर देखने वालों का कलेजा मुंह को आ गया।
चट्टान के बस की छत तोड़कर अंदर घुसते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 2 मासूम जिंदगियां असमय काल का ग्रास बन गईं। मृतकों में एक महिला की पहचान महाराष्ट्र के जलगांव निवासी लक्ष्मी विरानी पुत्री राम चरण के रूप में हुई है, वहीं दूसरी मृतक महिला नेपाली मूल की थीं। इस हादसे में 15 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें से 3 गंभीर रूप से चाेटिल हुए हैं।
जैसे ही यह हादसा पेश आया ताे स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालक ने तुरंत घायलों को क्षतिग्रस्त बस से बाहर निकाला। मानवीयता की मिसाल पेश करते हुए उन्होंने बिना देर किए सभी घायलों को उपचार के लिए खनेरी पहुंचाया अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।
उधर, राष्ट्रीय राजमार्ग-5 के एसडीओ प्रदीप कुमार ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि निजी बस पर चट्टान गिरने से 2 महिलाओं की मौत हुई है और करीब 15 यात्री घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले में आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में ला रही है।








