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Video: हिमाचलियाें का ये कारनामा देख आप भी करेंगे सलाम…एक जान बचाने काे एकजुट हाे गए हजाराें, कुदरती आपदा भी नहीं राेक पाई कदम

आज हिमाचल में जो हुआ, वह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि इंसानी जज्बे और सामूहिक चेतना की एक ऐसी मिसाल है, जिसे सुनकर आप सब हिमाचलियों को सैल्यूट करेंगे। यह घटना बताती है कि यहां हर एक जीवन का महत्व कितना है, फिर चाहे वह अमीर हो या गरीब, यहां इंसानियत का रिश्ता सब से ऊपर है।

बता दें कि कुल्लू के अखाड़ा बाजार में वीरवार सुबह भयंकर भूस्खलन हाे गया। प्रकृति के इस कहर ने 10 लोगों को मलबे में दबा दिया। एक व्यक्ति की मौत हो गई, 3 को घायल हालत में निकाला गया और अभी भी 6 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।

जिन घायलों काे मलबे के नीचे से निकाला गया, उनमें अभिनव सांख्यान नाम का युवक भी था। यह अभिनव और उनके चाचा का ही घर था, जो इस भयावह लैंडस्लाइड की चपेट में आया। किस्मत से उनके पापा घर पर नहीं थे और ताया बाहर टहल रहे थे। ताया का परिवार दूसरे घर में सुरक्षित था। अभिनव की पत्नी और बेटी मायके गई हुई थीं, लेकिन उनकी मां और दादी दोनों इस हादसे में घायल हुई हैं और कुल्लू अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

अभिनव का परिवार घर की ऊपर वाली मंजिल पर रहता था और नीचे किराएदार, जो अभी भी मलबे में दबे बताए जा रहे हैं। तलाश के बाद जब सुबह अभिनव को मलबे से निकाला गया, तो उसकी हालत इतनी नाजुक कि जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। उसे तुरंत कुल्लू से एम्स बिलासपुर रैफर कर दिया गया।

लेकिन चुनौतियां पहाड़ जैसी थीं। मौसम खराब था, रास्ते भूस्खलन से जगह-जगह अवरुद्ध थे और अभिनव की हालत पल-पल बिगड़ रही थी। ऐसे में अभिनव के परिजनों ने प्रशासन से उन्हें एयरलिफ्ट करने की गुहार लगाई, लेकिन खराब मौसम के चलते यह मुमकिन नहीं हो सकता था।

तब अभिनव की माैसी डिंपल ने हिम्मत नहीं हारी। उन्हाेंनें मंडी में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की टीम के मीडिया को-ऑर्डिनेटर पुरुषोत्तम शर्मा को फाेन कर हालाताें की जानकारी दी। पुरुषोत्तम शर्मा ने बिना वक्त गंवाए इस बारे में जयराम ठाकुर से बात की। बस फिर क्या था, जयराम ठाकुर ने मानवीयता की ऐसी मिसाल पेश की कि उन्होंने अभिनव की जान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी।

उन्होंने तुरंत कुल्लू प्रशासन को फोन कर अभिनव की एंबुलेंस के लिए पुलिस पायलट और एस्कॉर्ट टीम लगवाई, ताकि रास्ता खाली कराया जा सके। लेकिन जब एंबुलेंस मंडी जिला पहुंची, तो भूस्खलन से खराब हुए रास्ते और घने जाम ने और परेशान किया। नगवाई से लेकर पंडोह तक 4-5 जगहों पर लैंडस्लाइड था, कई जगहों पर रास्ता बंद था और सैकड़ों गाड़ियां फंसी थीं।

ऐसे में जयराम ठाकुर ने तुरंत एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर स्पेशल जेसीबी मशीनें लगवाईं, जिन्होंने मलबे के ढेरों के ऊपर से गाड़ी निकालने लायक हल्का रास्ता बनवाया। और फिर वो मंजर सामने आया, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो गया। रास्ते में लगी सैंकड़ों गाड़ियों में बैठे हजारों लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए अपनी गाड़ियां रास्ता देने के लिए किनारे कर दीं, ताकि एंबुलेंस निकल सके। यह सिर्फ प्रशासन का नहीं, हजारों आम हिमाचलियों का जज्बा था, जो एक जिंदगी बचाने के लिए एक टांग पर खड़े थे।

कुल्लू से बिलासपुर एम्स तक के इस खतरे से भरे सफर को, जिसमें सामान्य दिनों में 3 से साढ़े तीन घंटे लगते हैं, घने जाम और खराब रास्तों के बावजूद मात्र ढाई घंटे में पूरा किया गया। एम्स बिलासपुर में भी डॉक्टरों को पहले से तैनात रहने के लिए कहा गया था, ताकि पहुंचते ही अभिनव का इलाज शुरू हो सके।

अभिनव की माैसी डिंपल ने इस पूरे कारवां में शामिल हर व्यक्ति का तहे दिल से धन्यवाद किया है। फिलहाल अभिनव की हालत बेहद गंभीर है। उसे हैड इंजरी और क्लोटिंग हुई है, जिसके चलते वह जिंदगी के लिए जूझ रहा है। एम्स बिलासपुर में डॉक्टर्स की टीम उसे बचाने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है, लेकिन उसे दवा से ज्याद आपकी दुआओं की जरूरत है। आइए, हम सब मिलकर अभिनव के जल्द स्वस्थ होने की कामना करें और हिमाचल की इस अद्भुत मानवीय भावना को सलाम करें।

यहां देखें वीडियाे…

Desk
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1 thought on “Video: हिमाचलियाें का ये कारनामा देख आप भी करेंगे सलाम…एक जान बचाने काे एकजुट हाे गए हजाराें, कुदरती आपदा भी नहीं राेक पाई कदम”

  1. वाह। शानदार। The Point Himachal जन सरोकार और मानवीय संवेदनाओं को परखने वाला सोशलमीडिया प्लेटफार्म है। जहां आम जन मानस की पीड़ा को बेहतरीन ढंग से प्रस्तुत किया जाता है और सरकार और सिस्टम के ध्यान में बात लाई जाती है ताकि समाधान हो सके और जिनका निःस्वार्थ सेवा दी हो उनको पहचान दिलाता है। आपको बहुत बहुत शुभकामनाएं और बधाई।

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