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कश्मीर से आया घर वालाें का फाेन…मलबे में दब गया भाई, फिर लाहौल से मीलाें पैदल चलकर कुल्लू पहुंच गया ‘जाफर’

हिमाचल प्रदेश में मानसून के चलते लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। ताजा मामला कुल्लू जिले के अखाड़ा बाजार से सामने आया है, जहां एक बड़ा भूस्खलन हुआ और उसकी चपेट में आकर 6 लोग मलबे के नीचे दब गए।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और रैस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है, ताकि दबे हुए लोगों को जल्द से जल्द निकाला जा सके।

मलबे के पास खड़े परिजनों की आंखों में बेबसी साफ दिखाई दे रही है। किसी की मां इंतजार कर रही है बेटे की सलामती का, तो कोई भाई अपने खून के रिश्ते को सुरक्षित देखने की आस लिए घटना स्थल के पास बैठा है। हर बीतता पल उनकी बेचैनी को और बढ़ा रहा है।

इस हादसे में मलबे के नीचे दबे एक युवक सज्जाद अहमद बानी के भाई जाफर बानी की कहानी लोगों का दिल छू रही है। लाहौल-स्पीति में रह रहे जाफर काे जैसे ही अपने छोटे भाई के मलबे में दबने की खबर मिली ताे वह बिना समय गंवाए कुल्लू की ओर निकल पड़ा। खराब मौसम और अवरुद्ध रास्तों के बावजूद जाफर ने कई किलोमीटर लंबा सफर पैदल तय किया, ताकि वह अपने भाई की खबर ले सके।

जब लाेगाें ने जाफर से बात की ताे वह भावुक हो गया। जाफर बताता है कि सज्जाद ने फाेन कर कहा था कि लाहौल में मौसम ठीक नहीं है, अपना ध्यान रखना। सुबह अचानक कश्मीर से घर वालों का फोन आया कि कुल्लू में भूस्खलन हुआ है और भाई मलबे में दब गया है। जाफर की आंखों में आस है पर चेहरा किसी तूफान के गुजरने जैसा है। वह किसी भी तरह अपने भाई को जिंदा देखना चाहता है।

फिलहाल, पूरा कुल्लू दुआ कर रहा है…उन छह जिंदगियों के लिए जो मलबे के नीचे कहीं जिंदगी की जंग लड़ रही हैं। प्रशासन युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुटा है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही कोई अच्छी खबर मिले।

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Author: Desk

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