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हिमाचल में आपदा के बीच CM सुक्खू का भावुक वादा: मेरी आखिरी सांस भी हिमाचल के नाम, हर उजड़ा घर फिर से बसाएंगे

हिमाचल प्रदेश में आपदा की घड़ी के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाते हुए एक भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि मैं अपनी अंतिम सांस तक हिमाचल के लोगों की सेवा और मदद करता रहूंगा। यह मेरा प्रण है। हमीरपुर जिला में आपदा के जख्म देखने पहुंचे मुख्यमंत्री नहे पत्रकारों से बात करते हुए लाेगाें काे विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार इस मुश्किल समय में दिन-रात काम कर रही है और आपदा में उजड़े हर घर काे फिर से बसाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों और उपमुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि वे कागजों पर नहीं, बल्कि प्रदेश के कोने-कोने में जाकर प्रभावितों के आंसू पोंछ रहे हैं और उनकी मदद कर रहे हैं। उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा कि सिर्फ यह कहना कि सरकार कुछ नहीं कर रही, ठीक नहीं है। उन्हें धरातल पर आकर असलियत देखनी चाहिए। सुक्खू ने केंद्र से मिलने वाली सहायता पर भी सवाल उठाया और कहा कि अनुराग काे पूछना चाहिए कि पोस्ट डिजास्टर नीड असैसमैंट (पीडीएनए) का कितना पैसा अब तक प्रदेश को मिला है, जबकि राज्य सरकार अपने हिस्से का 25 प्रतिशत दे रही है।

मुख्यमंत्री ने इस मानसून में आई तबाही के पीछे के कारणों पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 50 से ज्यादा बार बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिनकी जांच के लिए वैज्ञानिकों की टीम बुलाई गई है। एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि ये घटनाएं नदी-नालों के पास नहीं, बल्कि पहाड़ी जंगलों में हुई हैं। उन्होंने कहा कि हमें इन घटनाओं के पैटर्न को समझना होगा। यह जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) का असर है और अगर हम सचेत नहीं हुए तो भविष्य में और भी बड़ा नुकसान हो सकता है।

सरकार के राहत कार्यों का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने मणिमहेश यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि वहां फंसे हुए हजाराें श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए हैलीकॉप्टर लगाए गए। इसके अलावा एचआरटीसी की बसों से सभी श्रद्धालुओं को उनके घरों तक मुफ्त पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री ने माना कि इस आपदा से प्रदेश के बागवानों को भारी नुक्सान हुआ है। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उनका सेब मंडियों तक सुरक्षित पहुंचे। जैसे ही मौसम साफ हो रहा है, सड़कों को खोलने का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि बागवानों को और नुक्सान न हो।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 9 तारीख को कांगड़ा संसदीय क्षेत्र का दौरा प्रस्तावित है, बशर्ते मौसम साथ दे। उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान हम प्रधानमंत्री के सामने आपदा से हुए नुक्सान की विस्तृत रिपोर्ट रखेंगे और उनसे राहत राशि जल्द से जल्द जारी करने की मांग करेंगे।

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Author: Desk

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