26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद से बंद पड़ा कुल्लू-मनाली हाईवे आखिरकार वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। यह खबर उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है, जिनकी रोजी-रोटी मनाली के पर्यटन पर निर्भर है।
फिलहाल, प्रशासन ने ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए वनवे व्यवस्था लागू की है। पुलिस की कड़ी निगरानी में कुल्लू से मनाली जाने वाले वाहनों को नग्गर वाले रास्ते से भेजा जा रहा है, जबकि मनाली से कुल्लू लौटने वाले वाहन पतलीकूहल के रास्ते अपनी मंजिल तक पहुंच रहे हैं। भले ही सड़क अभी भी कई जगहों से टूटी-फूटी है और उसे मलबे से भरकर कामचलाऊ बनाया गया है, लेकिन हाईवे के खुलने से स्थानीय लोगों और ड्राइवरों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।
बता दें कि 26 अगस्त की बाढ़ ने इस सड़क को 22 जगहों पर भारी नुक्सान पहुंचाया था, जिसके बाद से इसे यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। अब करीब 22 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद यह रास्ता भले ही आधा-अधूरा खुला हो, लेकिन इसने मनाली के पर्यटन के लिए संजीवनी का काम किया है।
वहीं मनाली के पर्यटन व्यवसायी इस शुरूआत से खुश तो हैं, लेकिन उनकी चिंताएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि हाईवे बंद हाेने से उनका कारोबार पूरी तरह ठप्प पड़ गया था, लेकिन अब एक उम्मीद जगी है। उन्हाेंने प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से हाईवे काे पूरी तरह से बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि अब सर्दियों का सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन जब तक लग्जरी बसाें जैसे भारी वाहनाें के लिए सड़क पूरी तरह से बहाल नहीं हाेगी तब तक पर्यटक यहां नहीं आएंगे और पर्यटन उस रफ्तार से नहीं लौटेगा, जिसकी हम उम्मीद कर रहे हैं।
वहीं डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए संवेदनशील जगहों पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो। वहीं, एनएचएआई की टीमें दिन-रात सड़क को बेहतर बनाने के काम में जुटी हुई हैं। उनका लक्ष्य हाईवे काे जल्द से जल्द डबललेन बनाकर पूरी क्षमता के साथ खोलना है।








