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मंडी: जहां बरपी तबाही… वहां चमत्कार देखिए, पूरा मंदिर बह गया… लेकिन मां दुर्गा की मूर्ती हिली भी नहीं

मंडी के धर्मपुर में तबाही के बीच ऐसा चमत्कार हुआ, जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां साक्षात माता की शक्ति दिखी है… वरना देख लीजिए… पानी के जिस प्रहार ने बसें कागज की कश्ती की तरह बहा दीं… कारें तिनके की तरह अपने साथ ले गया और बस स्टैंड की शक्ल तक बिगाड़ दी, लेकिन तबाही का वो तांडव इस देवी मां का कुछ नहीं बिगाड़ पाया…और सबसे बड़ी बात कि माता रानी ने ये पहले ही बता दिया था कि तबाही होगी और भयंकर वाली होगी

यहां पूरा मंदिर चला गया, दीवारें बह गईं… मंदिर का नामोनिशान ही मिट गया, लेकिन माता की मूर्ति, मुकुट… किसी को एक खरोंच तक नहीं आई… माता जैसे अपने नेत्र बंद कर ध्यान में बैठी हों… चेहरे पर मुस्कान ऐसी कि जैसे कह रही हों कि मैंने तो पहले ही कहा था… महाविनाश होने वाला है, लेकिन नहीं माने तो गलती किसकी है? फिर जब प्रलय आया तो पानी का बहाव माता का जलाभिषेक करता हुआ कई फुट ऊपर से निकला, लेकिन इस शक्ति को हिला भी नहीं पाया। लिहाजा धर्मपुर के लोग जलप्रलय के बीच इसे शीतला माता का चमत्कार कह रहे हैं।

ये तस्वीरें हैं जिला मंडी के धर्मपुर की हैं जहां बीते रोज बादलफाड़ तबाही हुई। सोन खड्ड ने ऐसा गुस्सा दिखाया कि बस स्टैंड से होकर बसों के ऊपर से बहने लगी और ये निशान इसी तबाही के हैं। लेकिन हिमाचल को देवभूमि यूं ही नहीं कहा जाता और इसका जीवंत प्रमाण धर्मपुर में देखने को मिला। अचानक आए भारी जल प्रलय ने पूरे क्षेत्र को तहस-नहस कर दिया। बस अड्डे पर खड़ी बसें, गाड़ियां और कई दुकानें इस आपदा की भेंट चढ़ गईं। इलाके में चारों ओर हाहाकार मचा रहा, लेकिन जब सुबह हुई और सूरज की पहली किरण के साथ सवेरा होने लगा ताे लोगों ने देखा कि मदिर गायब था, लेकिन माता अपनी जगह से हिली तक नहीं थीं। इस अद्भुत घटना ने लोगों के मन में आस्था को और भी दृढ़ कर दिया।

बस अड्डे के पास स्थित शीतला माता मंदिर भी इस जल प्रलय में बह गया… किंतु मंदिर के अंदर स्थापित शीतला माता के स्वरूप की पिंडी का बाल भी बांका नहीं हुआ। न केवल पिंडी सुरक्षित रही बल्कि वह अपने स्थान से इंच भर भी नहीं हिली… सिर पर मुकुट भी जस का तस है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह देवभूमि में देवी-देवताओं की अद्भुत शक्ति का जीवंत उदाहरण है। इस चमत्कार को देखने के बाद क्षेत्र के लोग माता के जयकारों के साथ एकत्रित हुए और इसे आस्था की विजय बता रहे हैं। लिहाजा जो नहीं मानता है लो अब भी मान लीजिए कि उस परम पिता परमेश्वर से बड़ा कोई नहीं है। बदलाव जरूरी है लेकिन इतना भी नहीं कि हम देवभूमि को तहस-नहस करने पर ही उतर आएं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि चंद रोज पहले इस मंदिर के गुर के जरिए मां शीतला ने भविष्यवाणी की थी कि बाढ़ आएगी, विनाश होगा और उसमें मंदिर को भी नुक्सान पहुंचेगा…और हुआ भी ऐसे ही….मन्दिर बह गया, लेकिन मूर्ति यथावत रही।

नीचे वीडियो में देखें पूरा मामला…

Desk
Author: Desk

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