एक शादी का मंडप उस वक्त भावनाओं के सागर में डूब गया, जब एक दुल्हन के शहीद भाई का फर्ज निभाने के लिए उसके दर्जनों फौजी साथी पहुंच गए। यह मार्मिक दृश्य सिरमौर जिले के आंजभोज के भरली गांव में देखने को मिला, जहां शहीद आशीष कुमार की बहन आराधना की शादी थी। वर्दी में आए इन सैनिकों ने न केवल वो सब रस्में निभाईं जो भाई आशीष कुमार ने निभानी थीं, बल्कि बहन को उसके ससुराल तक विदा कर यह संदेश दिया कि एक सैनिक देश के लिए कुर्बान हो सकता है, लेकिन उसकी बहन कभी अकेली नहीं होती।
ये तस्वीरें आपको किसी फिल्म के दृश्य जैसी लग सकती हैं, लेकिन यह हकीकत है। जब आराधना की डोली उठने वाली थी, तो उसे अपने भाई की कमी खल रही थी, लेकिन तभी उसके शहीद भाई के साथियों ने आगे बढ़कर भाई का फर्ज निभाया। इस पल को देखकर वहां मौजूद परिवार, रिश्तेदार और अन्य मेहमानों की आंखें छलक पड़ीं।

शहीद के साथियों की यह उपस्थिति केवल एक श्रद्धांजलि नहीं थी, बल्कि यह भारतीय सेना की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतीक थी, जो सिखाती है कि सेना का बंधन सिर्फ युद्धक्षेत्र तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने शहीदों के परिवारों के प्रति जिम्मेदारी तक फैला हुआ है। इन सैनिकों ने यह साबित कर दिया कि वे सिर्फ साथी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के परिवार का हिस्सा हैं।
आराधना के भाई वीर शहीद आशीष कुमार भारतीय सेना की 19 ग्रेनेडियर बटालियन में अरुणाचल प्रदेश में तैनात थे। 27 अगस्त, 2024 को “ऑप्रेशन अलर्ट” के दौरान देश की रक्षा में अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके बलिदान काे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

दोस्ती और भाईचारे की इस अनूठी मिसाल ने याद दिला दिया है कि भारतीय सेना अपने नायकों और उनके परिवारों को कभी नहीं भूलती। यकीनन, स्वर्ग से शहीद आशीष भी यह देखकर मुस्कुरा रहे होंगे कि उनकी बहन की खुशी में पूरी भारतीय सेना उसके साथ खड़ी है।
यहां देखिए भावुक करने वाला वीडियो…








