संघर्ष और दृढ़ संकल्प की मिसाल पेश करते हुए हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नवीन शर्मा ने अपने जीवन की कठिनाइयों को पीछे छोड़ते हुए पूरे उत्तर भारत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ग्रेड-ए) मंडी के इस होनहार प्रशिक्षु ने सर्वेयर ट्रेड की अखिल भारतीय ट्रेड परीक्षा (AITT)-2025 में 99.25% अंक हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके साथ ही सुंदरनगर आईटीआई के जतिन डोगरा ने भी कंप्यूटर ऑपरेटर एवं असिस्टेंट प्रोग्रामर (COPA–VI) ट्रेड में संपूर्ण भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इन दोनों युवाओं की असाधारण उपलब्धि को आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य ‘राष्ट्रीय कौशल दीक्षांत समारोह’ में सर्वोच्च सम्मान मिला, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं उन्हें पुरस्कृत कर उनकी पीठ थपथपाई।
पालमपुर तहसील के रहने वाले नवीन की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि अदम्य साहस की भी है। बचपन में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद उनके मामा सतीश शर्मा ने उन्हें संभाला और हमेशा उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया। नवीन के जीवन में एक बड़ा सहारा तब मिला जब प्रदेश सरकार ने उन्हें अपनी महत्वकांक्षी मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” के रूप में अपनाया। नवीन ने भावुक होकर बताया कि इस योजना के तहत मुझे सरकार से हर महीने 4000 रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे मुझे अपनी पढ़ाई और जरूरतों को पूरा करने में बहुत मदद मिली। यह योजना मेरे जैसे बच्चों के लिए एक वरदान है।
नवीन ने आईटीआई मंडी से सर्वेयर व्यवसाय में सत्र 2023-25 का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। उनकी प्रतिभा पहले भी चमक चुकी है जब उन्होंने 7-8 मई, 2025 को आयोजित राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इस जीत के लिए उन्हें 17 सितम्बर, 2025 को तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी द्वारा गोल्ड मेडल और 5100 रुपए की नकद राशि से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में नवीन अपने कौशल को और निखारने के लिए एनएसटीआई, कोलकाता से सीआईटीएस का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
आईटीआई मंडी के प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नवीन की सफलता उनके अटूट परिश्रम और उनके अनुदेशक दिनेश शर्मा के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। नवीन की सफलता प्रदेश के अन्य प्रशिक्षुओं के लिए एक प्रेरणास्रोत है। वहीं, तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक अक्षय सूद ने दोनों प्रशिक्षुओं, उनके गुरुओं और संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि यह हिमाचल के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। हमारे युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर यह साबित कर दिया है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो वे कुछ भी हासिल कर सकते हैं। नवीन और जतिन की यह कामयाबी उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की एक नई किरण है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।








