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हिमाचल: शिमला के रिज मैदान पर पूर्व CM स्व. वीरभद्र सिंह की याद में हाेने जा रहा ये खास कार्यक्रम, ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनेंगी सोनिया गांधी

हिमाचल प्रदेश की राजनीति के पुरोधा और 6 बार के मुख्यमंत्री रहे ‘राजा साहब’ यानी स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की यादें एक बार फिर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर जीवंत होने जा रही हैं। 13 अक्तूबर को उनकी प्रतिमा के अनावरण के साथ प्रदेश उन्हें एक यादगार श्रद्धांजलि अर्पित करेगा। इस भावुक और ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी का आना लगभग तय हो गया है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय को सोनिया गांधी के कार्यालय से उनके आगमन की सूचना मिल चुकी है। हालांकि, उनका यह प्रस्तावित दौरा उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर भी निर्भर करेगा। यह कार्यक्रम केवल एक प्रतिमा का अनावरण नहीं, बल्कि वीरभद्र सिंह के विशाल राजनीतिक कद और प्रदेश के लिए उनके योगदान को एक सलाम होगा।

इस मौके पर कांग्रेस के कई बड़े चेहरे शिमला में मौजूद रहेंगे। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, सांसद और प्रदेश के मामलों के प्रभारी राजीव शुक्ला और सह-प्रभारी रजनी पाटिल सहित कई अन्य केंद्रीय नेताओं ने भी कार्यक्रम में आने की पुष्टि कर दी है। हालांकि, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आने पर अभी भी संशय बरकरार है।

प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के ठीक बाद रिज मैदान पर एक जनसभा का आयोजन भी किया जाएगा। यह जनसभा कांग्रेस के लिए न केवल अपने प्रिय नेता को याद करने का अवसर होगी, बल्कि इसके माध्यम से पार्टी एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी देगी। इसी जनसभा के मंच से कांग्रेस अपने राष्ट्रव्यापी अभियान ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ की प्रगति रिपोर्ट सोनिया गांधी को सौंपेगी। पार्टी इस अभियान के तहत हिमाचल प्रदेश में 12 अक्तूबर तक 1 लाख हस्ताक्षर करवाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। इसके लिए हर विधानसभा क्षेत्र से 1500 हस्ताक्षर जुटाने का टारगेट निर्धारित किया गया है।

कांग्रेस ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को किसी भी कीमत पर ठंडा नहीं होने देना चाहती और इसे जन-जन से जोड़ने की पुरजोर कोशिश कर रही है। प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल ने पार्टी नेताओं को इस अभियान में पूरी ताकत झोंकने के सख्त निर्देश दिए हैं। अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार से इसकी डेली रिपोर्ट तैयार की जाएगी। साथ ही, प्रदेश पार्टी मुख्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो पूरे अभियान की निगरानी करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि लक्ष्य समय पर पूरा हो।

वहीं कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह समारोह हर दृष्टि से यादगार और ऐतिहासिक बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की भावनाओं से जुड़ा एक श्रद्धासुमन है, जिसे राजा वीरभद्र सिंह फाउंडेशन के सहयोग से संपन्न किया जाएगा। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह समारोह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आयोजित किया जाएगा। हम विपक्ष के नेताओं को भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।

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Author: Desk

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