हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने वाला है। अब राज्य के सबसे बड़े अस्पताल इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला में भी अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलेगी। सुपर स्पैशलिटी अस्पताल चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज के बाद यह प्रदेश की तीसरी ऐसी सुविधा होगी, जहां रोबोट की मदद से जटिल ऑप्रेशन किए जाएंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया, जिसका सीधा लाभ प्रदेश की उन हजारों महिलाओं को मिलेगा, जिन्हें जटिल ऑप्रेशनों के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि इस सुविधा की शुरूआत कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) की महिला मरीजों के लिए गायनी (स्त्री रोग) सर्जरी से की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल से आने वाली महिला मरीजों के लिए आईजीएमसी में विशेष रूप से 40 बिस्तर आबंटित किए जाएंगे, ताकि उनके इलाज में कोई असुविधा न हो। कमला नेहरू अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टर ही आईजीएमसी जाकर रोबोटिक सर्जरी करेंगे। इसके अलावा वे वहां सामान्य (इलैक्टिव) सर्जरी भी करेंगे। केएनएच प्रशासन इसके लिए डॉक्टरों की एक समर्पित टीम तैनात करेगा, ताकि दोनों अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे।
सरकार ने इस नई व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करने से पहले तीन महीने का ट्रायल करने का फैसला किया है। इस दौरान रोबोटिक सर्जरी की प्रक्रिया, उसके नतीजों और चुनौतियों का मूल्यांकन किया जाएगा। इस ट्रायल की समीक्षा के बाद जरूरत पड़ने पर बदलाव किए जाएंगे और भविष्य में अन्य विभागों के लिए भी इस सुविधा का विस्तार किया जा सकता है।
इस बैठक में सिर्फ रोबोटिक सर्जरी ही नहीं, बल्कि आईजीएमसी के संपूर्ण विकास पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि अस्पताल में जांच और निदान की सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए 25 करोड़ रुपए की लागत से एक अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक लैब स्थापित की जा रही है। इसके लिए कॉलेज प्रशासन को राशि भी जारी कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक तक बेहतरीन और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इसी कड़ी में हम अपने अस्पतालों को दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक से लैस कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, निदेशक स्वास्थ्य शिक्षा राकेश शर्मा तथा कमला नेहरू अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।








