कांगड़ा: कहते हैं कि जोड़ियां आसमान में बनती हैं और कुछ रिश्ते इतने गहरे होते हैं कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर पाती। ऐसा ही एक अटूट बंधन हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के सुलह क्षेत्र में देखने को मिला, जहां एक बुजुर्ग दंपत्ति ने साथ जीने-मरने की कसम को सच कर दिखाया।
90 साल का पति… 82 की थी पत्नी
घटना सलोह पंचायत के कथियाड़ा गांव की है। 90 वर्षीय बेलू राम और की 82 वर्षीय पत्नी ब्रह्मी देवी को मंगलवार की सुबह लंबी बीमारी ने उनसे छीन लिया। पूरा जीवन खेतीबाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले बेलू राम के लिए यह सदमा असहनीय था। उन्होंने अपनी जीवनसंगिनी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
पत्नी की अंत्योष्टि कर लौटा ही था परिवार
परिवार वाले ब्रह्मी देवी की अंत्येष्टि कर लौटे ही थे कि घर में एक और दुःखद समाचार उनका इंतजार कर रहा था। अपनी पत्नी के वियोग में बेलू राम ने भी शाम होते-होते शरीर त्याग दिया। उन्होंने मानो यह संदेश दिया हो कि वे परलोक में भी अपनी पत्नी का साथ नहीं छोड़ेंगे।
भरा-पूरा परिवार छोड़ गए दोनों बुजुर्ग
इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। हर कोई इस दंपति के अमर प्रेम की चर्चा कर रहा है। बुधवार को बेलू राम को अंतिम विदाई दी जाएगी और गांव वाले एक ऐसी प्रेम कहानी को याद करेंगे जो मृत्यु के बाद भी समाप्त नहीं हुई। दंपत्ति अपने पीछे भरा-पूरा परिवार (3 बेटे व एक बेटी, 3 पोते और 2 पोतियां ) छोड़ गए हैं।








