प्रधानमंत्री आवास पर माहौल गर्व और उल्लास से भरा था। भारतीय महिला क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप जीतकर लौटी थी और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टीम की हर सदस्य से मिलकर उनकी हौसला-अफजाई कर रहे थे, लेकिन उस जश्न के बीच एक ऐसा भावुक पल आया, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया। यह पल था प्रधानमंत्री और हिमाचल की तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर के बीच हुई बातचीत का। जब रेणुका की बारी आई तो प्रधानमंत्री मोदी ने उनके शानदार प्रदर्शन की प्रशंसा तो की, लेकिन उनका असली सम्मान रेणुका की मां के लिए था। प्रधानमंत्री ने बेहद अपनेपन से रेणुका से कहा कि मैं आपकी माताजी को तो विशेष रूप से प्रणाम करूंगा। कितनी कठिन जिंदगी में से उन्होंने अपनी बेटी की इतनी प्रगति के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है।
मां के त्याग और संघर्ष की प्रशंसा सुनकर रेणुका की आंखें हो गईं नम
पीएम मोदी यहीं नहीं रुके, उन्होंने उस संघर्ष को रेखांकित किया जो एक अकेली मां अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए करती है। उन्होंने कहा कि सिंगल पेरैंट होने के बावजूद अपनी बेटी की जिंदगी को बनाने के लिए एक मां इतनी मेहनत करे, यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है। प्रधानमंत्री ने रेणुका से वायदा लिया कि जब आप घर पहुंचकर अपनी मां से मिलें तो मेरी तरफ से उन्हें विशेष रूप से प्रणाम कहिएगा। प्रधानमंत्री के मुंह से अपनी मां के त्याग और संघर्ष की यह प्रशंसा सुनकर रेणुका ठाकुर की आंखें नम हो गईं। यह उस मां का सम्मान था जिसने पति के गुजर जाने के बाद अकेले ही अपनी बेटी को पाला और उसके सपनों को पंख देने के लिए अपनी हर खुशी कुर्बान कर दी।
एक मां की जीत, जिस पर हिमाचल को है गर्व
रेणुका की मां ने अपनी बेटी को क्रिकेटर बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। आज जब देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति ने उस गुमनाम मेहनत को पहचाना और सराहा तो यह सिर्फ रेणुका के लिए नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बन गया। यह जीत सिर्फ रेणुका के विकेटों की नहीं, बल्कि उनकी मां के संघर्ष की भी थी।
पारसा गांव से टीम इंडिया तक का सफर
शिमला जिले के रोहड़ू के एक छोटे से गांव पारसा में जन्मी रेणुका ने स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलना शुरू किया। उनके हुनर को पहचान मिली और वे धर्मशाला स्थित HPCA अकादमी के लिए चुनी गईं। साल 2019 में BCCI की एकदिवसीय प्रतियोगिता में 23 विकेट लेकर उन्होंने सबका ध्यान खींचा और 2021 में टीम इंडिया की जर्सी पहनने का सपना पूरा किया। आज रेणुका ठाकुर भारतीय टीम का एक अभिन्न अंग हैं, लेकिन इस सफलता की नींव उनकी मां के उस मौन संघर्ष ने रखी थी, जिसे आज पूरे देश ने प्रधानमंत्री की जुबान से सुना और सलाम किया।








