हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा के विधानसभा क्षेत्र चुराह के विधायक डाॅ. हंसराज से जुड़े मामले में उस वक्त एक बड़ा मोड़ आया, जब शुक्रवार को पीड़ित युवती ने महिला थाना चम्बा पहुंचकर कर विधायक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। युवती की शिकायत पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए विधायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पाेक्साे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। युवती का मेडिकल परीक्षण भी करवाया जा रहा है, जो इस मामले में एक अहम कड़ी साबित होगा।
एक साल पुराना मामला और धमकियों का सिलसिला
यह मामला आज का नहीं है, बल्कि एक साल पुराना है। कुछ दिन पहले ही युवती के पिता ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपनी शिकायत में जो बताया, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब एक साल पहले विधायक के निजी सचिव और एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें और उनकी बेटी को जबरन अगवा कर शिमला ले गए थे। वहां उन्हें डराया-धमकाया गया और पहले दिए गए बयान को बदलने के लिए मजबूर किया गया। पिता का आरोप है कि उन्हें घर में आग लगा देने जैसी भयानक धमकियां भी दी गईं। हाल ही में जब उन्हें फिर से डराया-धमकाया जाने लगा तो उन्होंने अपनी और अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए हिम्मत जुटाकर पुलिस से संपर्क किया। पिता की इस शिकायत पर पुलिस ने विधायक के सहयोगियों के खिलाफ अपहरण और धमकाने का मामला पहले ही दर्ज कर लिया था।
सोशल मीडिया पर आया मामला तो मचा हड़कंप
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब कुछ दिन पहले युवती ने फेसबुक पर लाइव आकर विधायक पर कई गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए और यह भी दावा किया कि उसके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए पुख्ता सबूत हैं। इस लाइव के बाद विधायक हंसराज ने भी लाइव आकर अपनी सफाई पेश की, लेकिन तब तक यह मामला जनता की नजरों में आ चुका था। मामले की गूंज शिमला तक पहुंची और महिला आयोग ने तुरंत चम्बा पुलिस से रिपोर्ट तलब की। वहीं, स्थानीय ब्लॉक कांग्रेस ने भी इसे एक गंभीर मुद्दा मानते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को शिकायत पत्र भेजा है।
पुलिस ने की पुष्टि, जांच जारी
डीजीपी अशोक तिवारी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि युवती की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और कानून के अनुसार आगामी जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।








