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Video: देवभूमि हिमाचल शर्मसार, मां को खोने वाले दिव्यांग ‘गोलू’ के नाम से चंदा मांग रहे शातिर ठग

देवभूमि हिमाचल में इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। हमीरपुर के सासन गांव के रहने वाले दिव्यांग गोलू, जिस पर अभी कुछ दिन पहले ही दुखों का पहाड़ टूटा है, उसकी लाचारी को ढाल बनाकर कुछ तथाकथित लाेगाें ने अपनी दुकानें सजानी शुरू कर दी हैं।

प्रकृति ने पहले ही गोलू के सिर से मां का साया छीन लिया। हमीरपुर के सासन की रंजना का यह बेटा दुनियादारी और छल-कपट से बिल्कुल अनजान है। वह केवल मां के प्रेम की भाषा समझता है, लेकिन मां के जाने का दर्द बखूबी समझता है। वह अपनी ही दुनिया में सिमटा, जिंदा रहने की मूक लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि जिस वक्त इस बच्चे को संवेदनाओं की जरूरत है, उस वक्त घटिया मानसिकता वाले या यूं कह सकते हैं, कि जिन्हें किसी के दर्द से काेई लेना-देना नहीं, ऐसे लाेगाें ने उसके दुख को भी कमाई का जरिया बना लिया।

कुछ फेसबुकिए और असामाजिक तत्वों ने फेसबुक पर गोलू और पहचान स्पैशल चाइल्ड स्कूल की संचालिका चेतना शर्मा की एक भावुक तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर के साथ शातिरों ने अपना खुद का QR कोड चिपका दिया। लोगों से अपील की गई कि गोलू की मदद के लिए इस कोड पर पैसे डोनेट करें। मकसद साफ था, गोलू की मासूमियत और लोगों की दयालुता का फायदा उठाकर अपनी जेबें भरना।

इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब स्कूल संचालिका चेतना शर्मा की नजर सोशल मीडिया पर चल रहे इस स्कैम पर पड़ी। उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। जिस QR कोड का इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था, उसके जरिए खाताधारकों की पहचान कर ली गई है। पुलिस जल्द ही इन आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब करेगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिमाचल जैसे शांत और संस्कृति प्रधान प्रदेश में ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या हम नैतिक रूप से इतने खोखले हो चुके हैं? जो लाेग लाइक, व्यूज और चंद रुपयों के लिए एक अनाथ और दिव्यांग बच्चे की भावनाओं को कुचल सकते हैं, उनकी मानसिकता कितनी विकृत होगी, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। किसी की मजबूरी को मौका और आपदा में अवसर तलाशने वाले ऐसे लोगों को कानून के साथ-साथ समाज को भी कड़ा सबक सिखाना होगा।

द प्वाइंट हिमाचल लाेगाें से अपील करता है कि सोशल मीडिया पर किसी भी भावुक पोस्ट को देखकर बिना जांच-पड़ताल किए पैसा ट्रांसफर न करें। आपकी गाढ़ी कमाई किसी जरूरतमंद के बजाय ऐसे ठगों की जेब में जा सकती है।

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Author: Desk

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