हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक दुखद घटना सामने आई है। यहां बिंद्रवणी के पास ब्यास नदी में काम कर रहा एक 20 वर्षीय बोरिंग मशीन ऑप्रेटर पानी के तेज बहाव में बह गया। हादसे की वजह पंडोह डैम से अचानक छोड़ा गया पानी और निर्माण कंपनी की लापरवाही बताई जा रही है। सबसे दुखद पहलू यह है कि जाे युवक पानी के तेज बहाव बह गया है, उसकी बहन की महज दो दिन बाद शादी होने वाली थी।
जानकारी के मुताबिक मंडी-पठानकोट नेशनल हाईवे के तहत बिंद्रवणी में ब्यास नदी पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा था। बग्गी टनल बंद होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका थी, जिसे लेकर जिला प्रशासन और बीबीएमबी प्रबंधन ने पहले ही मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों में अलर्ट जारी कर दिया था। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि लोग नदी के किनारे न जाएं, लेकिन निर्माण कंपनी ने इस अलर्ट को नजरअंदाज करते हुए काम जारी रखा।
मौके पर तीन मशीनें काम पर लगी थीं। पानी का स्तर बढ़ता देख दो मशीनों को तो सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन तीसरी मशीन फंस गई। उस पर बिहार निवासी 20 वर्षीय आलम बैठा था। देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि मशीन पलट गई। आलम ने जान बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन पानी का बहाव इतना प्रचंड था कि वह संभल नहीं पाया और लहरों में समा गया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रैस्क्यू ऑप्रेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद नदी में पलटी हुई मशीन तो मिल गई, लेकिन युवक आलम का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है।
इस हादसे ने आलम के परिवार को तोड़कर रख दिया है। आलम महज 20 साल का था और दो दिन बाद ही उसकी बहन की शादी थी। वह अपनी मेहनत की कमाई से बहन की शादी की तैयारियों में मदद कर रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। एक लापरवाही ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। फिलहाल, प्रशासन द्वारा रैस्क्यू ऑप्रेशन जारी है और हर कोई चमत्कार की उम्मीद कर रहा है कि शायद आलम किसी तरह सुरक्षित मिल जाए। वहीं, स्थानीय लोगों में अलर्ट के बावजूद काम जारी रखने वाली कंपनी के खिलाफ भारी रोष है।








