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सियासत से ऊपर ‘हिमाचलियत’: विक्रमादित्य सिंह ने छुए पूर्व CM धूमल के पैर, तस्वीर ने दिया ‘संस्कारों’ का संदेश

राजनीति में अक्सर आरोप-प्रत्यारोप का शोर सुनाई देता है, लेकिन हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से आई एक तस्वीर ने यह साबित कर दिया है कि ‘हिमाचलियत’ और ‘संस्कार’ आज भी सियासत से ऊपर हैं। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से मुलाकात कर राजनीति में शिष्टाचार की एक नई मिसाल पेश की है।

विक्रमादित्य सिंह हमीरपुर के सासन में रंजना के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। अपना सियासी और सामाजिक फर्ज निभाने के बाद उन्होंने एक बेटे का फर्ज भी निभाया। वह अपने पिता स्व. वीरभद्र सिंह के समकालीन और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से मिलने उनके पैतृक निवास समीरपुर पहुंचे।

जैसे ही विक्रमादित्य सिंह समीरपुर पहुंचे ताे उन्होंने सबसे पहले प्रेम कुमार धूमल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। वहां मौजूद लोगों के लिए यह क्षण भावुक कर देने वाला था। इस दौरान न कोई भाजपा थी, न कांग्रेस, न कोई मनभेद था और न ही मतभेद। वहां सिर्फ एक बुजुर्ग का आशीर्वाद और एक युवा का अपने बड़ों के प्रति आदर-सत्कार था।

मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक आत्मीय बातचीत हुई। चाय की चुस्कियों के साथ प्रदेश के विकास के मुद्दों पर चर्चा की गई। विक्रमादित्य सिंह ने जहां पूर्व सीएम का हाल-चाल जाना और उनके स्वस्थ जीवन व दीर्घायु की कामना की, वहीं धूमल ने भी विक्रमादित्य को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह तस्वीर बताती है कि रुतबा और पद चाहे जो भी हो, असली बड़प्पन झुकने और बड़ों का सम्मान करने में ही है। समाज में जहां बुजुर्गों की अनदेखी और वृद्धाश्रमों की संख्या चिंता का विषय है, वहीं विक्रमादित्य सिंह का यह व्यवहार बताता है कि संस्कार ही व्यक्ति की असली पहचान हैं। राजनीतिक पंडित इसे शिष्टाचार की मुलाकात कह रहे हैं, लेकिन हिमाचल की जनता इसे ‘पहाड़ी संस्कृति’ और ‘संस्कारों’ की जीत बता रही है।

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Author: Desk

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