वेब स्टोरी

ई-पेपर

लॉग इन करें

शिमला अवैध मस्जिद विवाद: प्रशासन के आश्वासन पर हिंदू नेताओं का आमरण अनशन खत्म, 29 नवम्बर को होगी निर्णायक बैठक

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली में अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर चल रहा तनावपूर्ण माहौल अब बातचीत की राह पर आगे बढ़ता दिख रहा है। प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद हिंदू संघर्ष समिति ने अपना चार दिन से चल रहा आमरण अनशन आज समाप्त कर दिया। हालांकि, समिति ने साफ किया है कि मांगें पूरी हाेने तक उनकी क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी। अब इस मामले में अंतिम निर्णय और कार्रवाई की रूपरेखा तय करने के लिए 29 नवम्बर की तारीख तय की गई है।

जूस पीकर तोड़ा अनशन, सड़क पर उतरा गुस्सा

बीते चार दिनों से अन्न-जल त्यागकर बैठे हिंदू नेता मदन ठाकुर और विजय शर्मा ने आज प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता के बाद जूस पीकर अनशन तोड़ा, लेकिन जैसे ही अनशन समाप्ति की घोषणा हुई ताे धरना स्थल पर मौजूद कुछ प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। उन्होंने अवैध मस्जिद को तुरंत गिराने की मांग करते हुए संजौली में चक्का जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की। बाद में हिंदू संघर्ष समिति के नेताओं के हस्तक्षेप के बाद यातायात बहाल हो सका।

विवाद के समाधान के लिए गठित हाेगी संयुक्त कमेटी

प्रशासन और हिंदू संगठनों के बीच हुई बातचीत में यह तय हुआ है कि विवाद के समाधान के लिए एक संयुक्त कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी में प्रशासन के अधिकारियों और हिंदू संघर्ष समिति के सदस्य शामिल होंगे। 29 नवम्बर को प्रशासन और इस कमेटी के बीच एक अहम बैठक होगी। इस बैठक में हिंदू संगठन अपनी मांगों को विस्तार से रखेंगे और प्रशासन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।

ये हैं हिंदू संगठनाें की 3 प्रमुख मांगें

हिंदू संघर्ष समिति ने प्रशासन के सामने तीन मुख्य मांगें हैं। इनमें 14 नवम्बर के विवाद के बाद 4 महिलाओं और 2 पुरुषों समेत 6 हिंदू कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर को तुरंत रद्द किया जाए। मस्जिद की बिजली-पानी की सप्लाई काटी जाए, वहां हो रही गतिविधियों पर रोक लगे और अवैध ढांचे को सीज किया जाए। कोर्ट द्वारा अवैध ढांचे को गिराने के जो आदेश दिए गए हैं, उनका पालन जल्द से जल्द सुनिश्चित हो।

ऐसे उपजा था विवाद

इस पूरे बवाल की ताजा वजह 14 नवम्बर की घटना है। उस दिन संजौली स्थित अवैध मस्जिद में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग नमाज पढ़ने आए थे, जिसे स्थानीय लोगों और देवभूमि संघर्ष समिति ने रोक दिया था। स्थानीय महिलाओं ने बाहरी लोगों को अपने घरों के आगे से जाने देने से मना कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्थानीय महिलाओं सहित 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी, जिससे गुस्साए हिंदू संगठन अनशन पर बैठ गए थे।

Desk
Author: Desk

Leave a Comment

और पढ़ें
और पढ़ें
error: Content is protected !!