क्रिकेट के मैदान पर अपनी ‘इन-स्विंग’ और ‘आऊट-स्विंग’ से दुनिया की दिग्गज बल्लेबाजों को चकमा देने वालीं और वर्ल्ड कप जीत में हिस्सेदार भारतीय महिला टीम की स्टार गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर काे भारतीय रेलवे ने सम्मान के साथ ‘ऑफिसर ऑन स्पैशल ड्यूटी'(ओएसडी) के ग्रुप ‘बी’ अधिकारी-ग्रेड पद पर पदोन्नत किया है। रेणुका पहले से रेलवे में क्लर्क के पद पर सेवा दे रही रही थीं।
बता दें कि ओएसडी का पद रेलवे में विशिष्ट खिलाड़ियों को दिया जाने वाला एक उच्च सम्मान है, जो न केवल आर्थिक सुरक्षा देता है बल्कि खेल जारी रखने की आजादी भी। खेल जगत में इसे रेणुका की मेहनत का फल माना जा रहा है। लेकिन, शिमला जिले के रोहड़ू की रहने वाली रेणुका की आंखों में एक अलग ही सपना पल रहा है। वह चाहती हैं कि वह हिमाचल प्रदेश पुलिस में डीएसपी बनकर अपने राज्य और अपने लोगों की सेवा करें। यह मांग सिर्फ एक नौकरी की नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने की जिद्द है। रेणुका ने पहले भी राज्य सरकार के सामने अपनी यह इच्छा जाहिर की है कि जैसे अन्य राज्यों में स्टार खिलाड़ियों को डीएसपी बनाया जाता है, वैसे ही उन्हें भी अपने प्रदेश की वर्दी पहनने का गौरव मिले।
अक्तूबर 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 और फरवरी 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में डेब्यू करने वाली इस पहाड़ी लड़की ने बहुत कम समय में दुनिया को अपनी रफ्तार दिखा दी। 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को रजत पदक दिलाने में उनकी भूमिका अहम थी, जहां वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं। आईसीसी द्वारा ‘इमर्जिंग वुमन क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ का खिताब मिलना यह बताता है कि रेणुका सिर्फ आज की स्टार नहीं, बल्कि आने वाले कल की उम्मीद हैं।
हाल ही में हुए वर्ल्ड कप में रेणुका ने 7 मैचों में से 5 में हिस्सा लिया। भले ही आंकड़ों में विकेटों की संख्या 3 रही हो, लेकिन उनकी किफायती गेंदबाजी ने विरोधी टीम पर जो दबाव बनाया, वह किसी से छिपा नहीं है। फाइनल में उनकी गेंद पर कैच छूटे, लेकिन उनका हौसला नहीं टूटा।
रेलवे की तरफ से मिले ताेहफे के बाद अब हिमाचल के खेल प्रेमियों और रेणुका के परिवार की निगाहें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्य सरकार पर टिक गई हैं। सीएम सुक्खू ने वर्ल्ड कप जीत के बाद रेणुका को फोन कर बधाई दी थी और एक करोड़ रुपये के नकद इनाम की घोषणा भी की थी, जो सरकार की खेल के प्रति सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
अब सवाल यह है कि क्या हिमाचल सरकार अपनी इस ‘गोल्डन गर्ल’ को घर में रोकने के लिए डीएसपी पद का तोहफा देगी? स्थानीय लोगों का कहना है कि जब देश रेणुका की उपलब्धियों का जश्न मना रहा है तो उन्हें उनके ही घर में वह सम्मान मिलना चाहिए जिसकी वह हकदार हैं और जिसकी वह ख्वाहिश रखती हैं। फिलहाल, रेणुका काे इंतजार अपने राज्य से आने वाली उस खुशखबरी का है, जो उन्हें हिमाचल पुलिस का हिस्सा बना सके।








