कहते हैं प्रतिभा किसी बड़े शहर या ससांधनों की मोहताज नहीं होती, अगर हौसलों में उड़ान हो तो आसमान भी छोटा पड़ जाता है। इस बात को सच कर दिखाया है कांगड़ा जिले के अंतर्गत आते गंगथ कस्बे की होनहार बेटी डॉ. परिणीता शर्मा ने। डॉ. परिणीता ने न केवल अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि अपनी असाधारण सफलता से पूरे हिमाचल प्रदेश में गंगथ का नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया है।
प्रदेश की अटल मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी द्वारा हाल ही में घोषित परीक्षा परिणामों में डॉ. परिणीता ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना हर मेडिकल छात्र देखता है। उन्होंने सर्जरी विभाग (एमडी) में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए गोल्ड मैडल अपने नाम किया है।
डॉ. परिणीता की यह सफलता रातोंरात नहीं मिली, बल्कि यह वर्षों की तपस्या का फल है। उनकी प्रारंभिक पढ़ाई गंगथ के ही शिवालिक पब्लिक स्कूल से हुई, जहां से निकले संस्कारों और नींव ने उन्हें आगे बढ़ाया। अपनी काबिलियत के दम पर उन्होंने प्रदेश के प्रतिष्ठित आईजीएमसी शिमला से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की।
डॉ. परिणीता की शख्सियत की सबसे खास बात उनका अपनी मिट्टी से जुड़ाव है। एमबीबीएस करने के बाद उन्होंने किसी बड़े शहर का रुख करने के बजाय, गंगथ के ही सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं दीं और स्थानीय लोगों के दुख-दर्द को बांटने का काम किया। इसके बाद उनका चयन एमडी के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में हुआ। यहाँ उन्होंने दिन-रात एक कर पढ़ाई की और सर्जरी जैसे कठिन विषय में पूरे प्रदेश में टॉप कर यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं।
गोल्ड मेडल हासिल करने के बाद भी डॉ. परिणीता का सेवा का सफर जारी है। वर्तमान में वह चमियाना स्थित अटल सुपर स्पैशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान में अपनी सेवाएं दे रही हैं। अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय उन्होंने बड़ी ही विनम्रता के साथ अपने माता-पिता के आशीर्वाद और मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसरों के मार्गदर्शन को दिया है। डॉ. परिणीता की इस उपलब्धि से गंगथ में खुशी की लहर है। कस्बे के हर घर में आज यही चर्चा है कि उनकी बेटी ने कमाल कर दिया। डॉ. परिणीता आज क्षेत्र की हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।








