अपने सपनों को पूरा करने के लिए घर से दूर गई हिमाचल की एक बेटी का सफर अधूरा रह गया। नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के सद्दूं गांव ने अपनी एक होनहार बेटी पल्लवी ठाकुर को हमेशा के लिए खो दिया है। इस दुखद खबर ने न केवल पल्लवी के परिवार को तोड़ दिया है, बल्कि पूरे गांव में मातम का माहौल पैदा कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक पल्लवी चंडीगढ़ में एक अस्पताल से काम खत्म करके वापस अपने ठिकाने की तरफ लाैट रही थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मोहाली के लांडरां रोड पर पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने पल्लवी की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि पल्लवी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।
बेहद अफसोस की बात यह रही कि जिस ट्रक चालक ने इस हादसे काे अंजाम दिया, वह मदद करने की बजाय मौके से फरार हो गया। राहगीरों ने इंसानियत दिखाते हुए पल्लवी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बेटी के साथ हुए इस हादसे की खबर जैसे ही सद्दूं गांव पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया। दुख की इस घड़ी में गांव एकजुट हो गया। एंटी टैरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष, नंबरदार व समाजसेवी बलविंदर सिंह बबलू तुरंत अन्य ग्रामीणों के साथ चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए। मंगलवार को चंडीगढ़ में ही बेहद गमगीन माहौल में पल्लवी का अंतिम संस्कार किया गया। हर आंख नम थी और हर दिल में एक ही सवाल था कि आखिर कब तक तेज रफ्तार का कहर यूं ही घरों के चिराग बुझाता रहेगा?
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उस फरार ट्रक चालक की तलाश कर रही है। कानून अपना काम करेगा, लेकिन सद्दूं गांव के उस परिवार का जो नुक्सान हुआ है, उसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। पल्लवी का जाना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।








