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हिमाचल: रात को जिस बेटे की कामयाबी का हुआ जागरण, सुबह उसी को काल ने छीना; मनाली घूमने निकले ‘अग्निवीर’ की सड़क हादसे में गई जान

कहते हैं वक्त और किस्मत पर किसी का जोर नहीं चलता। हिमाचल प्रदेश के मंडी में जो हुआ, उसने हर आंख को नम कर दिया है। एक गरीब परिवार, जिसने रात काे अपने बेटे के फौज में भर्ती होने की खुशी में माता रानी का जागरण करवाया था, सुबह उसी आंगन में मातम पसर गया। देश सेवा का सपना संजोकर अग्निवीर की ट्रेनिंग पूरी कर घर लौटा 20 वर्षीय ईशांत अब इस दुनिया में नहीं रहा।

भंतरेहड़ गांव का रहने वाला ईशांत एक साधारण और गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। दो भाइयों में छोटा ईशांत और उसका भाई, दोनों फौज में भर्ती होकर देश सेवा और परिवार का सहारा बनने का सपना देखते थे। ईश्वर ने सुनी और ईशांत का चयन अग्निवीर के रूप में हो गया। ट्रेनिंग पूरी कर जब वह घर लौटा तो मां-बाप को लगा कि अब उनके दुख के दिन बीत गए हैं। घर का चिराग रोशन हो गया था।

बेटे के फौज में जाने की मन्नत पूरी होने पर परिवार ने दिन में माता के दरबार में जातर दी और रात काे घर पर जागरण का आयोजन किया। सारे रिश्तेदार जमा थे, घर खुशियों से भरा था। दुआएं दी जा रही थीं, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह खुशियां बस चंद पलों की मेहमान हैं।

जागरण खत्म होने के बाद सुबह होते ही ईशांत अपने चचेरे भाई नीरज के साथ मनाली घूमने के लिए निकला। दोनों एक महंगी रेसिंग बाइक पर सवार थे, लेकिन घर से निकले अभी कुछ ही वक्त हुआ था कि किरतपुर–नेरचौक फोरलेन पर नेरचौक के नागचला के पास उनका सामना ‘काल’ से हो गया।

बाइक को ईशांत का चचेरा भाई नीरज चला रहा था। नागचला के पास उनकी बाइक एक कार से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक कार के बीच में जा धंसी और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने ईशांत को मृत घोषित कर दिया। वहीं, नीरज की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे एम्स रैफर किया गया है।

जिस बेटे पर पूरे गांव को गर्व था, उसका शव जब अस्पताल से घर की ओर बढ़ा तो पत्थरों का भी दिल पसीज गया। गरीब मां-बाप की दुनिया उजड़ चुकी है। जो बेटा बुढ़ापे की लाठी बनने वाला था, वह अब यादों में रह गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि गलती किसकी थी, लेकिन इस सवाल का जवाब उस परिवार का दुख कम नहीं कर सकता जिसने अपना सब कुछ खो दिया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और इस वज्रपात को सहने की शक्ति परिजनों को प्रदान करे।

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Author: Desk

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