हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की आर्थिक तरक्की के लिए एक नया विजन पेश किया है। बुधवार को चंडीगढ़ में ‘इंडस्ट्री-लेबर फ्रेंडली काऊंसिल’ की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का पूरा फोकस “विकसित उद्योग, विकसित श्रमिक” पर रहेगा। सीएम ने कहा कि राज्य की प्रगति में तेजी लाने के लिए उद्योगों का निर्बाध चलना और श्रमिकों का खुशहाल होना अनिवार्य है।
देश का पहला राज्य बना हरियाणा
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य है, जिसने उद्योगों और श्रमिकों के बीच सामंजस्य स्थापित करने के लिए ‘इंडस्ट्री-लेबर फ्रेंडली काऊंसिल’ का गठन किया है। उन्होंने कहा कि जब तक इन दोनों वर्गों में भाईचारा और तालमेल नहीं होगा, तब तक प्रदेश आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो सकता।
‘ईज ऑफ डूइंग’ के साथ ‘ईज ऑफ लिविंग’ पर जोर
बैठक में सीएम सैनी ने बताया कि उनकी सरकार उद्योगों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनैस’ और श्रमिकों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ की नीति पर एक साथ काम कर रही है। यह काउंसिल न केवल सरकारी घोषणाओं की समीक्षा करेगी, बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा, विवादों के निपटारे और आईटीआई के माध्यम से उनके कौशल विकास को अपग्रेड करने के सुझाव भी देगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्रमिकों की उत्पादकता बढ़ने से सीधा असर जीडीपी पर पड़ेगा।
2 लाख उद्योगों को मिलेगी बड़ी राहत
सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इंडस्ट्रियल एरिया से बाहर चल रहे करीब दो लाख उद्योगों को नियमित करने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने इसके लिए एक पोर्टल लॉन्च किया है, जिस पर पंजीकरण करके ये उद्योग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं का विस्तार
उद्योगपतियों और मजदूरों की सहूलियत के लिए सीएम ने कई अहम फैसले सांझा किए हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में एचएसवीपी (HSVP) से एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) में प्लॉट ट्रांसफर की दिक्कतें दूर कर दी गई हैं। ईएसआईसी (ESIC) अस्पतालों के लिए रियायती दरों पर जमीन देने को मंजूरी मिल गई है। मजदूरों के लिए सस्ती दरों पर डोरमेट्री आवास बनाने का काम तेजी से चल रहा है। जगह की कमी वाले इंडस्ट्रियल एरिय में मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी।
विकसित भारत-2047 का लक्ष्य
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में निवेश के लिए इतना अनुकूल वातावरण बना रही है कि निवेशक खुद-ब-खुद हरियाणा की ओर आकर्षित हों। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल सहित श्रम एवं उद्योग विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








