देवभूमि कुल्लू की हसीन वादियां, जहां देश-दुनिया से लोग सुकून और ताजी हवा की तलाश में आते हैं, वहीं कुछ लोग इस खूबसूरती में जहर घोलने की फिराक में रहते हैं। मनाली की ठंडी फिजाओं के बीच बीती रात पुलिस ने एक ऐसी ही साजिश का पर्दाफाश किया, जिसने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारा युवा किस अंधेरे रास्ते पर चल पड़ा है।
घड़ी की सुइयां रात के 11 बजाने को थीं। मनाली का आईबैक्स चौक पर्यटकों की चहल-पहल से धीरे-धीरे शांत हो रहा था। एएसआई देवेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ गश्त पर थे, तभी एक मुखबिर ने खबर दी कि साहब, गोम्पा रोड के एक होटल के कमरा नंबर 202 में कुछ गलत हो रहा है। बिना एक पल गंवाए, पुलिस टीम ने गवाहों को साथ लिया और होटल की तरफ दौड़ पड़ी। होटल के उस कमरे में दो युवक बेफिक्र बैठे थे, शायद उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कानून उनके दरवाजे पर दस्तक दे चुका है।
पुलिस कमरे में दाखिल हुई। सरसरी तौर पर सब सामान्य लग रहा था, लेकिन पुलिस की पारखी नजरों से कुछ नहीं छिप सका। नजर डबल बैड पर रखे तकिए पर गई। जब तकिया हटाया गया, तो वहां एक खाकी रंग का बैग दबा हुआ मिला। बैग खुला तो अंदर बीड़ी का बंडल और लाइटर के साथ एक पारदर्शी लिफाफा मिला। उस लिफाफे में 91.290 ग्राम चिट्टा था। यह महज पाउडर नहीं था, बल्कि लाखों रुपये का वो सफेद जहर था जो न जाने कितने परिवारों की खुशियों को निगलने वाला था।
पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान विजय कुमार (31) निवासी फतेहाबाद ( हरियाणा) और संजीव वैद्य (24) निवासी सैक्टर 25-डी चंडीगढ़ के के रूप में हुई। पुलिस ने उनके पास से 1100 रुपए नकद और एटीएम कार्ड भी बरामद किए। अब दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। थाना मनाली में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उस चेन को तोड़ने में जुटी है कि आखिर यह जहर लाया कहां से गया था और मनाली की वादियों में किसे परोसा जाना था?







