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Video: जब ‘इंसानियत’ का धर्म निभाने के लिए टूटा प्रोटोकॉल, जयराम ठाकुर ने पेश की मिसाल, हर तरफ हो रही चर्चा

राजनीति में अक्सर पद और प्रतिष्ठा मानवीय संवेदनाओं पर भारी पड़ जाती है, लेकिन राजधानी शिमला में एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने जनसेवक के असली मायने समझा दिए। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर जब एक लाचार और दर्द से कराहते व्यक्ति से मिलने अपना सब प्रोटोकॉल तोड़कर, चप्पलों में ही अपने आवास से दौड़ पड़े तो वहां मौजूद हर शख्स हैरान रह गया। लोगों को इस दृश्य में ‘कृष्ण और सुदामा’ की छवि नजर आई।

गाड़ी से उतरने में लाचार था शख्स, खुद नीचे आए जयराम

जानकारी के अनुसार मंडी के सराज (छतरी) निवासी शांता कुमार इलाज के लिए शिमला पहुंचे। वे जयराम ठाकुर के आवास के बाहर गाड़ी में थे। शांता कुमार की हालत इतनी नाजुक है कि वे न बैठ सकते हैं, न खड़े हो सकते हैं। वे गाड़ी की अगली सीट पर लेटे हुए थे। जब जयराम ठाकुर को पता चला कि उनका एक बेहद पीड़ित कार्यकर्ता नीचे आया है और ऊपर आने में असमर्थ है, तो उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की। वे घर की ऊपरी मंजिल से चप्पलों में ही नीचे सड़क पर उस गाड़ी के पास पहुंच गए।

नम आंखों से पोंछे आंसू, दी 31 हजार की मदद

गाड़ी का दरवाजा खोलकर जब जयराम ठाकुर ने शांता कुमार को देखा, तो पीड़ित की आंखों से आंसू छलक पड़े। जयराम ठाकुर ने एक अभिभावक की तरह उनके सिर पर हाथ फेरा, उनके आंसू पोंछे और ढांढस बंधाया। पूर्व सीएम ने मौके पर ही शांता कुमार को 31,000 रुपए का चैक देकर आर्थिक मदद की। इसके साथ ही, उन्होंने अस्पताल के डॉक्टर्स से फोन पर बात कर निर्देश दिए कि शांता कुमार के इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं आनी चाहिए और पैसे की चिंता न की जाए। जयराम ठाकुर के इस कदम की हर तरफ चर्चा हो रही है।

हादसे ने छीन ली पत्नी और तोड़ दी रीढ़ की हड्डी

गाड़ी में लेटे शांता कुमार की कहानी दिल दहला देने वाली है। वे करसोग-आनी बस दुर्घटना के शिकार हैं। उस खौफनाक हादसे ने उनसे उनकी जीवन संगिनी (पत्नी) को हमेशा के लिए छीन लिया और शांता कुमार को ऐसा जख्म दिया कि उनकी रीढ़ की हड्डी पूरी तरह डैमेज हो गई। आज वे दूसरों के सहारे के बिना हिल भी नहीं सकते।

आपकी छोटी-सी मदद शांता कुमार को दे सकती है नई जिंदगी

शांता कुमार इस वक्त जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। हादसे ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया है। उन्हें आपके सहयोग और दुआओं की जरूरत है। यदि आप उनकी मदद करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए गूगल पे के क्यूआर कोड पर अपनी स्वेच्छा से योगदान दे सकते हैं। आपकी छोटी सी मदद इस शख्स को नई जिंदगी दे सकती है।

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Author: Desk

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